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इस लड़ाका कबीलें से आते हैं Imran Khan, ग़ुस्सा भड़का तो Asim Munir भी नहीं संभाल पाएंगे—जानें पूरा मामला

इमरान खान और पाकिस्तान की फौज के बीच टकराव बढ़ा—परिवार का आरोप, “कई दिनों से मुलाक़ात नहीं मिलने दी जा रही”, सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे

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इमरान खान का कबीलाई ग़ुस्सा और आसिम मुनीर से बढ़ता टकराव—परिवार ने उठाए गंभीर सवाल | Dainik Diary
नियाज़ी कबीले से आते हैं इमरान खान—परिवार का आरोप: “मुलाक़ात नहीं होने दी जा रही”, पाक राजनीति में मचा भूचाल।

पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच टकराव अब निजी स्तर तक जा चुका है।
सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा गर्म है कि अगर इमरान खान का ग़ुस्सा भड़क गया, तो उसे आसिम मुनीर भी कंट्रोल नहीं कर पाएंगे, क्योंकि इमरान जिस कबीले से आते हैं, उसका इतिहास ही लड़ाकू स्वभाव और बदले की भावना से जुड़ा है।

कौन-सा है वो कबील़ा जिससे आते हैं इमरान खान?

इमरान खान पख़्तून (Pathan) समुदाय के मशहूर Niazi कबीले से आते हैं—एक ऐसा कबीला जो अपनी बहादुरी, तेज़ ग़ुस्से और क्रोध में उठाए जाने वाले फैसलों के लिए जाना जाता है।
इतिहासकार बताते हैं कि नियाज़ी कबिला

  • युद्धों में अग्रिम पंक्ति में रहा
  • अपमान का बदला चुकाने में पीछे नहीं रहता
  • और परिवार से जुड़े मामलों में बेहद संवेदनशील होता है

इसी वजह से राजनीतिक विशेषज्ञ कह रहे हैं:

“अगर इमरान खान ने ग़ुस्से में कोई बड़ा ऐलान कर दिया, तो पाकिस्तान की राजनीति को झटका लग सकता है।”

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परिवार ने उठाए बड़े सवाल—“कई दिनों से मुलाक़ात नहीं होने दी”

इमरान खान के परिवार ने गंभीर आरोप लगाया है कि:

  • कई दिनों से उन्हें इमरान से मिलने नहीं दिया जा रहा
  • जेल प्रशासन लगातार बहाने बना रहा है
  • उनकी सुरक्षा को लेकर परिवार में गहरी चिंता है

परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया:

“इमरान खान को पहले भी हमले झेलने पड़े हैं। अब जब मुलाक़ात नहीं होने दी जा रही, तो डर स्वाभाविक है।”

समर्थक बोले—“इमरान खान की चुप्पी बताती है कि हालात सामान्य नहीं”

ट्वीटर/X पर इमरान खान के समर्थक लगातार पोस्ट कर रहे हैं कि—

  • उनकी चुप्पी असामान्य है
  • मुलाक़ात रोकना संदिग्ध कदम है
  • आसिम मुनीर और सेना पर दबाव बनाने के लिए यह नया तरीका है

कुछ समर्थकों ने दावा किया:

“यह सिर्फ राजनीतिक दुश्मनी नहीं, बल्कि डर का संकेत है कि अगर खान बाहर आए, तो सत्ता पलट सकती है।”

इमरान बनाम सेना—क्यों बढ़ा इतना तनाव?

इमरान खान और पाकिस्तानी सेना के बीच तनाव नया नहीं।
लेकिन पिछले कुछ महीनों में—

इमरान खान का कबीलाई ग़ुस्सा और आसिम मुनीर से बढ़ता टकराव—परिवार ने उठाए गंभीर सवाल | Dainik Diary
  • न्यायिक सुनवाई
  • जेल में लगातार बंदी
  • स्वास्थ्य को लेकर विवाद
  • परिवार से मुलाक़ात न कराना

इन सबने हालात को और बिगाड़ दिया है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि:“इमरान खान पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। सेना यह अच्छी तरह जानती है कि लोकतांत्रिक मैदान में उन्हें हराना संभव नहीं।”

इमरान का कबीलाई स्वभाव—क्यों कहा जा रहा है कि ग़ुस्सा संभालना मुश्किल होगा?

नियाज़ी कबीला अपनी दृढ़ता और ग़ुस्से के लिए जाना जाता है।
स्थानीय लोककथाओं में कहा जाता है कि:

  • एक नियाज़ी कभी अन्याय नहीं भूलता
  • सम्मान पर हमला हो तो जवाब देना उसकी परंपरा
  • शांत से शांत व्यक्ति भी अचानक फैसला ले लेता है

यही वजह है कि पाकिस्तानी मीडिया में यह हेडलाइन घूम रही है—

“अगर इमरान भड़क गए, तो उन्हें रोकना मुश्किल होगा।”

आने वाले दिनों में क्या हो सकता है?

विशेषज्ञ तीन बड़े संकेतों की ओर इशारा कर रहे हैं—

  1. राजनीतिक माहौल और अस्थिर होगा
  2. सेना और इमरान समर्थकों में सीधा टकराव बढ़ सकता है
  3. अंतरराष्ट्रीय दबाव भी पाकिस्तान पर बढ़ सकता है

इमरान खान के परिवार की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर उठे सवाल पाकिस्तान के लिए एक नई चुनौती बन चुके हैं।

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