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“पहले अपनी कुछ कविताएँ पूरी कर लूँ…” Hema Malini ने सुनाया Dharmendra का आख़िरी दिल छू लेने वाला जवाब, आख़िरी दिनों की सच्चाई रुला देगी

UAE फिल्ममेकर के साथ बातचीत में हेमामालिनी ने बताया क्यों हुआ प्राइवेट अंतिम संस्कार और धर्मेंद्र ने आख़िरी दिनों में क्या कहा था।

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हेमामालिनी ने धर्मेंद्र के आख़िरी दिनों की भावनात्मक यादें साझा कीं—‘पहले अपनी कुछ कविताएँ पूरी कर लूँ…’
हेमामालिनी ने धर्मेंद्र के आख़िरी दिनों की भावनात्मक यादें साझा कीं—‘पहले अपनी कुछ कविताएँ पूरी कर लूँ…’

बॉलीवुड के लेजेंड, लाखों दिलों पर राज करने वाले धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं हैं। 24 नवंबर को 89 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ, और परिवार ने उनका अंतिम संस्कार बेहद निजी तरीके से किया।
फैंस इस फैसले से भावुक भी हुए और हैरान भी—लेकिन अब सामने आया है कि यह फ़ैसला क्यों लिया गया, और उनके आख़िरी दिनों की हालत कैसी थी।

दरअसल, UAE के जाने-माने फिल्ममेकर Hamad Al Reyami ने एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि उनकी मुलाकात हेमामालिनी से हुई, जिसमें उन्होंने धर्मेंद्र के अंतिम दिनों का दर्द साझा किया।

“काश उस दिन मैं फ़ार्महाउस पर होती…” — हेमामालिनी का टूटता हुआ दिल

अल रियामी ने बताया कि शोक सभा के तीसरे दिन वे हेमामालिनी से मिलने पहुंचे।
हेमा उस वक्त बेहद दुखी और थकी हुई नज़र आईं। उन्होंने कहा:

“काश जिस दिन मैं दो महीने पहले उनसे मिलने फ़ार्महाउस गई थी… उसी दिन फिर वहां होती। काश मैं उन्हें आख़िरी बार उसी तरह खुश देख पाती।”

और भी पढ़ें : जब Hema Malini ने Dharmendra से कहा – ‘अब शादी करो… मुझे बस प्यार चाहिए’ – प्यार, इंतज़ार और एक अनकही कहानी

यह वाक्य सुनकर वहाँ मौजूद हर शख्स का दिल भारी हो गया।

“पहले अपनी कुछ कविताएँ पूरी कर लूँ…” — धर्मेंद्र का अंतिम जवाब

हेमामालिनी ने बताया कि वे अक्सर धर्मेंद्र को उनकी खूबसूरत कविताएँ प्रकाशित करने के लिए कहती थीं।
और धर्मेंद्र मुस्कुराते हुए कहा करते थे:

“पहले अपनी कुछ poems तो पूरी कर लूँ…”

हेमा ने कहा कि आज उन्हें सबसे ज्यादा यही बात चुभती है—
उनकी लिखी हुई पंक्तियाँ दुनिया तक कभी पहुँच ही नहीं पाईं।

क्यों हुआ धार्मिक तौर पर निजी अंतिम संस्कार? कारण बेहद भावनात्मक

हेमामालिनी ने स्पष्ट किया:

“धर्म जी कभी नहीं चाहते थे कि दुनिया उन्हें कमजोर या बीमार हालत में देखे। उन्होंने अपना दर्द हमेशा सबसे छुपाया… यहाँ तक कि अपने करीबी रिश्तेदारों से भी।”

उन्होंने कहा कि उनके अंतिम दिनों की स्थिति इतनी कठिन थी कि परिवार वाले भी उन्हें इतनी पीड़ा में देखने का साहस नहीं कर पा रहे थे।

हेमामालिनी ने धर्मेंद्र के आख़िरी दिनों की भावनात्मक यादें साझा कीं—‘पहले अपनी कुछ कविताएँ पूरी कर लूँ…’


यही वजह रही कि परिवार ने अंतिम संस्कार को बेहद सीमित और निजी रखा।

“अब अजनबी उनकी कहानियाँ लिखेंगे… जबकि उनके अपने शब्द दबे रह गए”

हेमा ने एक और दर्दभरी बात कही, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।
उन्होंने कहा:

“अब लोग किताबें लिखेंगे, कहानियाँ बनाएंगे… लेकिन उनके अपने शब्द कभी दुनिया के सामने नहीं आ पाए।”

फिल्ममेकर हामद ने इसे “दिल को चीर देने वाला पल” बताया।

धर्मेंद्र के आख़िरी दिन

  • 10 नवंबर को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था
  • हालत बिगड़ने पर उन्हें घर लाया गया ताकि वे अपने परिवार के बीच रहें
  • 24 नवंबर को सुबह उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया
  • 25 नवंबर को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार हुआ

हामद रेयामी का श्रद्धांजलि संदेश

पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा:

“My forever hero… Legendary Superstar DHARMENDRA.”
उनके शब्द पढ़कर हजारों फैंस भावुक हो गए।