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धर्मेंद्र की माँ का हेमाजी से सीक्रेट मिलना—प्रकाश कौर ने भी समझी उनकी पीड़ा, नई जानकारी ने फैंस को किया भावुक
हेमा मालिनी ने बताया—ससुराल वालों ने दिया था सम्मान और प्यार, लेकिन धर्मेंद्र की पहली पत्नी के साथ दूरी बनाए रखना था उनकी मजबूरी।
बॉलीवुड की सबसे चर्चित और जटिल प्रेम कहानियों में एक है धर्मेंद्र और हेमा मालिनी का रिश्ता। दोनों ने जब शादी की, तब धर्मेंद्र पहले से शादीशुदा थे और चार बच्चों के पिता थे। यह फैसला आसान नहीं था—न धर्मेंद्र के लिए और न ही हेमाजी के लिए। लेकिन इस रिश्ते के पीछे कुछ ऐसे अनकहे किस्से हैं, जिन्हें हाल ही में हेमाजी ने उजागर किया है। इन खुलासों ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है।
धर्मेंद्र की माँ का सीक्रेट विज़िट—बिना बताए मिलने आई थीं ससुराल की बड़ी माँ
हेमा मालिनी ने अपनी बायोग्राफी “Beyond The Dream Girl” में एक बेहद भावुक घटना का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि जब वह ईशा देओल को जन्म देने वाली थीं, तब धर्मेंद्र की माँ सत्वंत कौर उनसे मिलने चुपके से आई थीं।
हेमा लिखती हैं:
“उन्होंने घर में किसी को बताए बिना स्टूडियो में आकर मुझे गले लगाया और कहा— ‘बेटा, खुश रहो हमेशा।’”
यह पल हेमाजी के लिए बेहद खास था क्योंकि धर्मेंद्र के परिवार से यह पहला ऐसा संकेत था कि उन्हें स्वीकार किया जा रहा है।
धर्मेंद्र के पिता VS हेमाजी के पिता—हाथ मिलाने के बजाय आर्म रेसलिंग!
हेमा मालिनी ने यह भी बताया कि धर्मेंद्र के पिता केवल किशन सिंह देओल बेहद हंसमुख और दिलचस्प इंसान थे।
वह हेमाजी के पिता से मिलने आते थे और हाथ मिलाने के बजाय आर्म रेसलिंग करते थे।
वह मज़ाक में कहते—
“ताकत चाहिए तो घी-मक्खन-लस्सी खाओ, ये इडली-सांभर से ताकत नहीं आती!”
ऐसी छोटी-छोटी यादों से पता चलता है कि हेमाजी को धर्मेंद्र के माता-पिता से भरपूर प्यार मिला।
हेमा और प्रकाश कौर—कभी आमना-सामना नहीं हुआ
धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर से हेमाजी की दूरी हमेशा चर्चा में रही।
हेमा मालिनी ने साफ कहा—
“मैं किसी को परेशान नहीं करना चाहती थी। इसलिए मैंने दूरी बनाए रखी। लेकिन मैं और मेरी बेटियाँ प्रकाशजी का बहुत सम्मान करती हैं।”
हेमाजी कहती हैं कि वह अपने दो बच्चों — ईशा देओल और अहाना देओल — के साथ अपनी ज़िंदगी से संतुष्ट हैं।

‘कोई ऐसी ज़िंदगी नहीं चाहता’ — हेमा का दर्द झलका
अपनी किताब में हेमाजी यह भी स्वीकार करती हैं कि अलग-अलग घरों में रहना आदर्श स्थिति नहीं थी।
वह लिखती हैं:
“हर महिला चाहती है कि उसका पति और बच्चे एक साथ रहें। पर कभी-कभी परिस्थितियाँ वैसी नहीं होतीं। मैंने जो मिला उसी में खुद को खुश रखना सीखा।”
यह बयान दिखाता है कि चमक-दमक वाली फिल्मी ज़िंदगी के पीछे कितनी कड़वी सच्चाइयाँ छिपी होती हैं।
प्रकाश कौर बोलीं—”मैं होती तो यह कदम नहीं उठाती”
पुरानी इंटरव्यूज़ में प्रकाश कौर ने भी अपनी भावनाएँ साफ रखी हैं।
उन्होंने कहा था—
“मैं समझ सकती हूँ हेमाजी क्या झेल रही हैं। लेकिन अगर मैं उनकी जगह होती, तो मैं किसी शादीशुदा आदमी से शादी नहीं करती।”
फिर भी उन्होंने धर्मेंद्र का बचाव करते हुए कहा—
“वह एक अच्छे पिता रहे हैं, अपने बच्चों को कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया।”
धर्मेंद्र के जाने के बाद—दोनों परिवारों में भावनात्मक हलचल
धर्मेंद्र के निधन के बाद दोनों परिवारों की प्रतिक्रियाएँ एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
ईशा देओल के हालिया विज़िट और सनी देओल द्वारा की गई व्यवस्थाओं ने संकेत दिया कि परिवार अब पहले से अधिक जुड़ा हुआ है।
यह कहानी सिर्फ ग्लैमर की नहीं, बल्कि रिश्तों की गहराई और समझ की है।
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