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Harry Brook विवाद पर Kevin Pietersen का तीखा तंज, ECB जांच को बताया ध्यान भटकाने की कोशिश

Ashes में करारी हार के बाद England टीम फिर विवादों में, Harry Brook की नाइटक्लब घटना पर Kevin Pietersen का बड़ा बयान

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Harry Brook विवाद पर Kevin Pietersen का तीखा तंज, ECB जांच को बताया ध्यान भटकाने की कोशिश
Harry Brook के नाइटक्लब विवाद पर Kevin Pietersen का हमला, Ashes हार के बाद England टीम पर बढ़ा दबाव

Ashes सीरीज़ में करारी हार झेलने के बाद England cricket team एक बार फिर मैदान के बाहर की वजहों से सुर्खियों में है। इस बार मामला युवा बल्लेबाज़ Harry Brook से जुड़ा है, जिसकी वजह से ECB को जांच शुरू करनी पड़ी। हालांकि इस पूरे विवाद को लेकर पूर्व दिग्गज खिलाड़ी Kevin Pietersen ने England टीम और बोर्ड पर तीखा हमला बोला है।

मामला तब सामने आया जब New Zealand दौरे के दौरान, सीमित ओवरों की सीरीज़ के आखिरी मैच से कुछ घंटे पहले Harry Brook एक नाइटक्लब में जाने की कोशिश कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्लब के बाउंसर ने उन्हें नशे में होने के संदेह में अंदर जाने से मना कर दिया। इसके बाद Brook और बाउंसर के बीच बहस हो गई, जिसमें Brook को कथित तौर पर धक्का भी लगा।

हालांकि राहत की बात यह रही कि Brook को कोई चोट नहीं आई और उन्होंने खुद इस घटना की जानकारी टीम सिक्योरिटी को दे दी। इसके बावजूद ECB ने मामले की जांच की और Brook पर करीब £30,000 का जुर्माना लगाया।

इस पूरे घटनाक्रम पर Kevin Pietersen ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी। Pietersen ने साफ कहा कि इस तरह की जांच और अनुशासन की बातें सिर्फ फैंस का ध्यान असली समस्या से हटाने की कोशिश हैं।

Harry Brook विवाद पर Kevin Pietersen का तीखा तंज, ECB जांच को बताया ध्यान भटकाने की कोशिश


Pietersen ने लिखा कि Stokes, Root, Archer, Bethell और Brook जैसे कुछ खिलाड़ियों को छोड़ दिया जाए तो England टीम इस समय Australia या India जैसी मजबूत टीमों से मुकाबला करने लायक नहीं है। उन्होंने यह भी तंज कसा कि Australia की टीम इस दौरे पर अपने कई बड़े खिलाड़ियों के बिना खेल रही थी, फिर भी England को हार का सामना करना पड़ा।

अपने अगले पोस्ट में Kevin Pietersen ने और भी बेबाकी दिखाई। उन्होंने कहा कि वह खुद ऐसे कई दौरों का हिस्सा रहे हैं, जहां टीम पूरी तैयारी के बावजूद हार गई। देखा जाए तो समस्या तैयारी या अनुशासन से ज्यादा टीम की सामूहिक गुणवत्ता की है। Pietersen के मुताबिक असली मुद्दा “optics” यानी टीम की सार्वजनिक छवि है, क्योंकि खिलाड़ी जनता की नजरों में होते हैं और इसी वजह से ऐसे मामलों पर कार्रवाई होती है।

हाल के दिनों में England टीम के ऑफ-फील्ड व्यवहार को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। Ashes सीरीज़ के दौरान कई खिलाड़ियों के लगातार शराब पीने की खबरें सामने आईं, जो mid-series break के दौरान Noosa में अपने चरम पर पहुंच गईं।

कुल मिलाकर, Harry Brook का यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे England क्रिकेट की मौजूदा अव्यवस्था और Ashes में मिली हार से जोड़कर देखा जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि Ben Stokes की कप्तानी वाली टीम इन विवादों से बाहर निकलकर मैदान पर अपनी खोई साख कब तक वापस ला पाती है।