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‘22 साल के Nitish Reddy को bits and pieces कहना गलत है’, आलोचकों पर Hanuma Vihari का करारा हमला

Border Gavaskar Trophy के हीरो रहे Nitish Reddy पर जल्दबाज़ी में फैसला क्यों खतरनाक हो सकता है

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Nitish Reddy के समर्थन में खुलकर बोले Hanuma Vihari, जल्दबाज़ी में आलोचना पर उठाए सवाल
Nitish Reddy के समर्थन में खुलकर बोले Hanuma Vihari, जल्दबाज़ी में आलोचना पर उठाए सवाल

भारतीय क्रिकेट में किसी युवा खिलाड़ी को जल्दी आंक लेना नई बात नहीं है, लेकिन इस बार बहस का केंद्र बने हैं Nitish Kumar Reddy। सीमित ओवरों में हालिया संघर्ष के बाद उन्हें ‘bits and pieces cricketer’ कहे जाने पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ Hanuma Vihari ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

Nitish Reddy ने भारत के लिए अब तक सिर्फ़ 17 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, लेकिन उनका करियर दो साफ़ हिस्सों में बंटा दिखता है—Border Gavaskar Trophy से पहले और उसके बाद। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर Nitish भारत के लिए चंद सकारात्मक चेहरों में से एक थे। पाँच टेस्ट मैचों में उन्होंने 298 रन बनाए और 5 विकेट झटके, जिसमें Melbourne के Boxing Day Test में आया उनका शतक आज भी याद किया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया में चमक, उसके बाद ठहराव

Nitish Reddy ने भले ही ज़्यादा अर्धशतक न बनाए हों, लेकिन 30–40 रन की पारियों से निचले क्रम में भारत को बार-बार संभाला। एक लंबी चोट के बाद जब उनकी वापसी हुई, तो उम्मीद थी कि उनका ग्राफ़ ऊपर ही जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

England दौरे पर उन्होंने 45 रन और 3 विकेट लिए, जबकि white-ball क्रिकेट में भी वह अब तक कोई बड़ी छाप नहीं छोड़ पाए हैं। हालात तब और कठिन हो गए जब Hardik Pandya को आराम दिया गया, Washington Sundar चोटिल हुए और Ayush Badoni को विकल्प के तौर पर टीम में लाया गया। इसके बावजूद Nitish से गेंदबाज़ी कराई गई और उन्हें सिर्फ़ दो ओवर दिए गए—जिस पर सवाल उठे।

Hanuma Vihari का सीधा सवाल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए Hanuma Vihari ने आलोचकों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पूछा कि क्या देश में कोई और 22 साल का खिलाड़ी है जो इस स्तर पर seam bowling के साथ बल्लेबाज़ी कर सकता हो।

उनका कहना था कि इतनी कम उम्र में किसी खिलाड़ी को ‘लिख कर खारिज’ कर देना न सिर्फ़ नाइंसाफी है, बल्कि भारतीय क्रिकेट की सोच पर भी सवाल खड़े करता है।

Nitish Reddy के समर्थन में खुलकर बोले Hanuma Vihari, जल्दबाज़ी में आलोचना पर उठाए सवाल


आंकड़ों से दिया जवाब

Hanuma Vihari ने Nitish Reddy के आंकड़े भी सामने रखे।
ODI में 3 मैचों में 7 ओवर,
T20 में 4 मैचों में 9 ओवर और 3 विकेट (7.88 की economy),
Test क्रिकेट में 10 मैचों में 86 ओवर, 8 विकेट—जो एक चौथे तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर खराब नहीं माने जा सकते।

इसके अलावा Melbourne में लगाया गया शतक, जिसे पाना कई खिलाड़ियों का सपना ही रह जाता है, Nitish की क्षमता का सबसे बड़ा सबूत माना गया।

मौके और दबाव का खेल

New Zealand के खिलाफ Rajkot ODI में Nitish मुश्किल वक्त पर नंबर 7 पर बल्लेबाज़ी करने आए। उन्होंने एक छक्का जरूर लगाया, लेकिन धीमी पिच पर रन गति नहीं बढ़ा पाए। KL Rahul के शतक के बावजूद भारत को हार झेलनी पड़ी।

मैच के बाद भारत के सहायक कोच Ryan ten Doeschate ने कहा कि ऐसे मौके युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम होते हैं, जहां लंबी पारी खेलकर अपनी दावेदारी मजबूत की जा सकती है।

जल्दबाज़ी बनाम सब्र

Nitish Reddy का मामला यही बताता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में talent से ज़्यादा patience की ज़रूरत होती है। हर युवा ऑलराउंडर तुरंत Hardik Pandya नहीं बनता। कुछ को समय, भरोसा और लगातार मौके चाहिए होते हैं।

Hanuma Vihari की बात में यही सार छिपा है—22 साल की उम्र में किसी खिलाड़ी पर अंतिम फैसला सुना देना, भारतीय क्रिकेट के लिए नुकसानदेह हो सकता है।