Connect with us

GST

1 फरवरी से खत्म होगा GST मुआवजा सेस तंबाकू पर लागू होगा नया टैक्स सिस्टम

नए साल पर वित्त मंत्रालय की अधिसूचना सिगरेट बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों के लिए बदले टैक्स रेट राज्यों को मिलेगी नई वित्तीय राहत

Published

on

1 फरवरी 2026 से GST मुआवजा सेस खत्म और तंबाकू उत्पादों पर नया टैक्स ढांचा लागू

नए साल की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार ने टैक्स व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव घोषित कर दिया है। Ministry of Finance ने 1 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचनाओं में साफ किया कि 1 फरवरी 2026 से GST मुआवजा सेस पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और उसी दिन से तंबाकू उत्पादों पर नया कर ढांचा लागू होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया कि संसद के शीतकालीन सत्र में पारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) अधिनियम 2025 को 1 फरवरी से प्रभावी किया जाएगा। इसके तहत सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नई उत्पाद शुल्क दरें लागू होंगी। साथ ही Health Security-cum-National Security Act 2025 के प्रावधान भी उसी दिन से लागू होंगे, जिसके तहत पान मसाला जैसे उत्पादों पर सेस लगाया जाएगा।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी FAQ में बताया गया कि Goods and Services Tax लागू होने के बाद सिगरेट पर उत्पाद शुल्क लगभग नाममात्र का रह गया था और 2017 के बाद से तंबाकू पर GST मुआवजा सेस की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। इसका असर यह हुआ कि आमदनी के मुकाबले सिगरेट की कीमतें अपेक्षाकृत सस्ती बनी रहीं, जो वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के उलट है।

सरकार का तर्क है कि तंबाकू उत्पादों की कीमतें नियंत्रित रखने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है, इसलिए अब टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव जरूरी था। इस फैसले को लेकर वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman पहले ही संकेत दे चुकी थीं कि सेस खत्म होने के बाद भी तंबाकू पर कुल कर भार कम नहीं होने दिया जाएगा।

क्यों खत्म किया गया GST मुआवजा सेस?

GST मुआवजा सेस को शुरुआत में पांच साल के लिए लागू किया गया था ताकि GST लागू होने से राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके। कोविड-19 महामारी के दौरान सेस से होने वाली वसूली कम पड़ गई, जिसके चलते केंद्र को राज्यों को मुआवजा देने के लिए कर्ज लेना पड़ा। इसी कारण सेस की अवधि 2026 तक बढ़ाई गई थी।

अब जब यह कर्ज लगभग चुकाया जा चुका है, तो सरकार ने 1 फरवरी 2026 से सेस को पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया है। इससे राज्यों को अपनी वित्तीय स्वतंत्रता (फिस्कल स्पेस) बढ़ाने में मदद मिलेगी।

gstnewswebp


तंबाकू पर नए GST रेट क्या होंगे?

सरकार ने तंबाकू उत्पादों के लिए नए GST स्लैब भी अधिसूचित किए हैं।

  • बीड़ी को अब 28% से घटाकर 18% GST स्लैब में रखा गया है।
  • सिगरेट समेत अन्य सभी तंबाकू उत्पादों को 40% GST स्लैब में शामिल किया गया है।

इसके अलावा गुटखा, खैनी, जर्दा, सुगंधित तंबाकू जैसे उत्पादों के लिए नया मूल्यांकन तंत्र लाया गया है, जिसमें पैकेट पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर GST तय किया जाएगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा तर्क

सरकार ने Health Security-cum-National Security Act में “राष्ट्रीय सुरक्षा” को शामिल करने का भी बचाव किया है। मंत्रालय के मुताबिक सामान्य कर राजस्व से हमेशा दीर्घकालिक सुरक्षा जरूरतों के लिए स्थायी फंडिंग सुनिश्चित नहीं हो पाती, इसलिए एक अलग और उद्देश्य-विशेष सेस जरूरी है।

कुल मिलाकर, 1 फरवरी 2026 से टैक्स व्यवस्था में यह बदलाव न सिर्फ तंबाकू उद्योग को प्रभावित करेगा, बल्कि राज्यों की वित्तीय स्थिति और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति पर भी दूरगामी असर डालने वाला है।

और पढ़ें- DAINIK DIARY

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *