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‘सबसे कमजोर ऑस्ट्रेलियाई टीम’ वाला बयान इंग्लैंड पर पड़ा भारी, Glenn McGrath ने दिखाई सच्चाई
एशेज में 3-0 से पिछड़ने के बाद इंग्लैंड की सोच पर सवाल, मैक्ग्राथ बोले— दिक्कत टैलेंट की नहीं, माइंडसेट की है
एशेज 2025-26 में इंग्लैंड की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिस ऑस्ट्रेलियाई टीम को दौरे से पहले “सबसे कमजोर” बताया जा रहा था, उसी टीम ने अब इंग्लैंड को लगातार तीन टेस्ट में हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली है। तीसरे टेस्ट में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने एशेज ट्रॉफी बरकरार रखी और क्रिकेट जगत में अपनी बादशाहत फिर साबित कर दी।
इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज पूर्व तेज़ गेंदबाज़ ग्लेन मैक्ग्राथ ने इंग्लैंड की रणनीति और मानसिकता पर तीखा हमला बोला। मैक्ग्राथ का मानना है कि इंग्लैंड के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी कमजोरी उनकी सोच बन चुकी है।
11 दिन में तय हुई एशेज, ऑस्ट्रेलिया का दबदबा
एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 82 रन से हराया। इसके साथ ही महज 11 दिनों में ही एशेज का फैसला हो गया, जो पिछले एक सदी में सबसे तेज़ फैसलों में से एक है। इससे पहले पर्थ और ब्रिस्बेन में भी ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को पूरी तरह दबाव में रखा था।
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अब हालात यह हैं कि इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया में पिछले 18 टेस्ट मैचों से जीत दर्ज नहीं कर पाई है, जो अपने आप में एक चौंकाने वाला आंकड़ा है।
‘सबसे कमजोर टीम’ का दावा उल्टा पड़ा
BBC Sport के लिए लिखे अपने कॉलम में ग्लेन मैक्ग्राथ ने कहा कि इंग्लैंड इस दौरे पर बड़े आत्मविश्वास के साथ आई थी। यह दावा किया जा रहा था कि 2010-11 के बाद यह इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया में जीतने का सबसे अच्छा मौका है।
मैक्ग्राथ ने लिखा कि किसी ने भी नहीं सोचा था कि तीन टेस्ट के बाद स्कोरलाइन 3-0 होगी। उन्होंने माना कि इंग्लैंड की आलोचना जायज़ है, लेकिन साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम को भी पूरे श्रेय का हकदार बताया।

स्टोक्स और रूट जैसे दिग्गज भी असफल
मैक्ग्राथ ने इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और सीनियर बल्लेबाज़ जो रूट को उनकी पीढ़ी के महान खिलाड़ियों में से बताया। लेकिन उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ये दोनों खिलाड़ी आज तक ऑस्ट्रेलिया में एक भी टेस्ट मैच नहीं जीत पाए हैं।
उन्होंने कहा कि जब जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड, केविन पीटरसन जैसे दिग्गजों के रहते भी इंग्लैंड को सफलता नहीं मिली, तो साफ है कि समस्या क्षमता की नहीं बल्कि मानसिकता की है।
एडिलेड टेस्ट में इंग्लैंड ने दिखाई थोड़ी उम्मीद
तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड के निचले क्रम ने कुछ देर के लिए मुकाबले में जान डाल दी थी। विकेटकीपर बल्लेबाज़ जेमी स्मिथ, विल जैक्स और ऑलराउंडर ब्रायडन कार्स ने संघर्ष दिखाया।
लेकिन ऑस्ट्रेलिया की अनुशासित गेंदबाज़ी के आगे इंग्लैंड टिक नहीं सका। मिचेल स्टार्क और स्कॉट बोलैंड ने मिलकर इंग्लैंड की पारी 352 रन पर समेट दी, जबकि लक्ष्य 435 रन का था।
एमसीजी में अग्निपरीक्षा
अब सीरीज का चौथा टेस्ट 26 दिसंबर से ऐतिहासिक मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। मैक्ग्राथ का मानना है कि 1 लाख से ज्यादा दर्शकों के सामने खेलना इंग्लैंड के लिए बेहद कठिन चुनौती होगी।
उन्होंने इंग्लैंड को सलाह दी कि वह दबाव से डरने के बजाय उसे स्वीकार करे और हालात के अनुसार खुद को ढाले। यही अनुभव भविष्य में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर काम आएगा।
