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ड्रेक पर लगा अरबों फर्जी स्ट्रीम्स से कमाई का आरोप, स्पॉटिफाई पर सामूहिक मुकदमा दर्ज
रैपर RBX ने स्पॉटिफाई पर लगाया आरोप कि प्लेटफ़ॉर्म ने Drake जैसे कलाकारों की फर्जी स्ट्रीम्स पर आंखें मूंद लीं, जिससे दूसरे म्यूज़िशियंस को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ।
दुनिया के सबसे बड़े म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Spotify और सुपरस्टार रैपर ड्रेक एक बार फिर विवादों में हैं। कैलिफ़ोर्निया की संघीय अदालत में दर्ज एक सामूहिक मुकदमे (Class Action Lawsuit) में आरोप लगाया गया है कि स्पॉटिफाई पर फर्जी स्ट्रीमिंग का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है — और इससे सबसे ज़्यादा फायदा ड्रेक को हुआ है।
यह मुकदमा रैपर RBX (वास्तविक नाम — एरिक ड्वेन कॉलिन्स) ने दायर किया है, जो मशहूर रैपर Snoop Dogg के चचेरे भाई भी हैं। मुकदमे में कहा गया है कि “स्पॉटिफाई ने प्लेटफॉर्म पर हो रहे भारी पैमाने के स्ट्रीमिंग फ्रॉड पर जानबूझकर आंखें मूंद रखी हैं, जिससे असली कलाकारों की रॉयल्टी छिन रही है।”
अरबों की फर्जी स्ट्रीम्स का दावा
आरबीएक्स ने अदालत में दावा किया है कि जनवरी 2022 से सितंबर 2025 के बीच ड्रेक के लगभग 37 अरब स्ट्रीम्स में से एक “काफी बड़ा हिस्सा” नकली या बॉट अकाउंट्स के जरिए किया गया था। मुकदमे के मुताबिक, यह फर्जी नेटवर्क “स्पॉटिफाई की जानकारी में होने के बावजूद फल-फूल रहा था।”
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हालांकि मुकदमे में ड्रेक को सीधे प्रतिवादी नहीं बनाया गया है, लेकिन उन्हें इस कथित धोखाधड़ी के “लाभार्थी” के रूप में बताया गया है।
‘प्रो राटा मॉडल’ से जुड़ा विवाद
स्पॉटिफाई का रॉयल्टी सिस्टम “प्रो राटा मॉडल” पर आधारित है। यानी जितनी ज्यादा किसी कलाकार की स्ट्रीमिंग होती है, उतनी बड़ी हिस्सेदारी उसे कुल रॉयल्टी पूल में मिलती है। इस मॉडल में अगर कोई कलाकार बॉट्स या अन्य तरीकों से अपनी स्ट्रीम बढ़ाता है, तो उसके कारण बाकी कलाकारों की कमाई कम हो जाती है।
RBX के अनुसार, यही सिस्टम अब “फ्रॉड के खेल” में बदल गया है। उन्होंने कहा कि “हजारों इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट्स मेहनत से म्यूज़िक बनाते हैं, लेकिन फर्जी स्ट्रीम्स वाले बड़े कलाकार उनका हक़ छीन लेते हैं।”

ड्रेक की चुप्पी, सोशल मीडिया पर हंगामा
मामले के सामने आने के बाद अब तक ड्रेक या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि सोशल मीडिया पर यह खबर छा गई है। कई यूज़र्स ने तंज कसते हुए लिखा, “अगर बॉट्स भी ड्रेक के गाने सुन रहे हैं, तो ये तो डिजिटल स्टारडम की नई परिभाषा है।”
दूसरी ओर, कई कलाकारों और म्यूज़िक क्रिएटर्स ने इस मुकदमे का समर्थन किया है। अमेरिकी सिंगर Halsey ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “अगर यह सच है, तो यह सिर्फ फ्रॉड नहीं, बल्कि उन हजारों म्यूज़िशियंस के साथ अन्याय है जो सच्चे श्रोताओं के भरोसे काम करते हैं।”
स्पॉटिफाई की प्रतिक्रिया
हालांकि स्पॉटिफाई ने अभी तक मुकदमे पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन कंपनी पहले भी स्ट्रीमिंग फ्रॉड पर कड़ा रुख अपनाने का दावा कर चुकी है। पिछले साल उसने बताया था कि “हमारे पास उन्नत एआई सिस्टम है जो फर्जी स्ट्रीम्स और बॉट नेटवर्क्स की पहचान करता है और उन्हें हटाता है।”
लेकिन आलोचकों का कहना है कि ड्रेक जैसे सुपरस्टार्स के गानों की स्ट्रीमिंग की जांच में पारदर्शिता की कमी है।
म्यूज़िक इंडस्ट्री में गूंज
यह मामला केवल ड्रेक या स्पॉटिफाई तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह आरोप सही साबित हुए, तो पूरी म्यूज़िक इंडस्ट्री में बड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि स्ट्रीमिंग रॉयल्टी अब कलाकारों की मुख्य आय का स्रोत बन चुकी है।
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ द फोनेोग्राफिक इंडस्ट्री (IFPI) के अनुसार, 2024 में दुनिया भर में 68% म्यूज़िक रेवेन्यू स्ट्रीमिंग से आया था। ऐसे में अगर सिस्टम में ही फ्रॉड है, तो इसका असर हर छोटे-बड़े कलाकार पर पड़ेगा।
भविष्य की दिशा
अगर कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई में स्पॉटिफाई की नीतियों को दोषी ठहराया, तो म्यूज़िक प्लेटफ़ॉर्म्स को अपने रॉयल्टी सिस्टम और डेटा ट्रैकिंग तरीकों में बदलाव करना पड़ सकता है।
RBX ने बयान में कहा, “यह मुकदमा सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों संगीतकारों के लिए है जो असली सुने जाने की उम्मीद में हर दिन मेहनत करते हैं।”
