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Dharmendra ने अपनी पुश्तैनी संपत्ति बेटे Sunny–Bobby को नहीं दी… आखिर किसे मिली सारी जायदाद? जानिए पूरी अंदर की कहानी
बॉलीवुड के दिग्गज धर्मेंद्र ने अपनी पंजाब वाली पुश्तैनी जमीन किसी बेटे या बेटी को नहीं, बल्कि उन लोगों को दी जिन्होंने सालों तक उस घर और जमीन की रक्षा की—दिल को छू लेने वाली असली वजह सामने आई
बॉलीवुड के हे-मन यानी धर्मेंद्र सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी अपनी जड़ों, रिश्तों और मूल्यों को सबसे ऊपर रखने वाले इंसान माने जाते हैं।
उनकी वही सोच एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि उन्होंने अपनी पंजाब की पुश्तैनी संपत्ति अपने बच्चों—
Sunny Deol,
Bobby Deol,
Esha Deol,
और आहना देओल
को नहीं दी।
हाँ, बिल्कुल सही—धर्मेंद्र ने अपनी जमीन-जात, जड़ें और विरासत अपने भतीजों को सौंप दी है।
पंजाब की धरती से धर्मेंद्र का अटूट रिश्ता
धर्मेंद्र का जन्म पंजाब के एक छोटे से गांव में हुआ था।
यहीं से उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ, और चाहे उन्होंने सितारों की ऊंचाइयां छू लीं, लेकिन अपने गांव, अपनी मिट्टी और अपनी विरासत से कभी दूर नहीं हुए।
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परिवार के करीबी बताते हैं:
- वह हर त्योहार पर गांव वालों से जुड़े रहते थे
- खेतों और पुश्तैनी घर की हालत के बारे में हमेशा पूछते थे
- और जब भी मौका मिलता, गांव जाकर उस जमीन को खुद देखते थे
उनके लिए यह जमीन सिर्फ ‘प्रॉपर्टी’ नहीं थी—
यह उनकी पहचान, उनकी जड़ें और बचपन की स्मृतियाँ थीं।
जमीन बच्चों को नहीं, भतीजों को—क्यों लिया ऐसा फैसला?
धर्मेंद्र का यह फैसला किसी पारिवारिक राजनीति या विवाद के कारण नहीं था।
असल कारण कहीं ज्यादा भावुक और गहरा है।
जिन भतीजों को यह जमीन दी गई, वे—
- सालों से गांव में रहकर पुश्तैनी घर की रक्षा कर रहे थे
- फसलों, जमीन और घर की देखभाल कर रहे थे
- गांव में देओल परिवार की पहचान और सम्मान बनाए हुए थे
धर्मेंद्र के एक करीबी ने बताया:
“धर्मेंद्र जी हमेशा कहते थे— विरासत उन्हें मिलनी चाहिए जो उसे निभा सके, न कि सिर्फ उन्हें जो खून के रिश्ते में हों।”
यानी उनका मानना था कि
जमीन उन्हें मिलनी चाहिए जो उसे दिल से संभालें,
न कि सिर्फ औपचारिक उत्तराधिकारी होने के कारण।
बच्चों की जिंदगी और धर्मेंद्र की सोच
धर्मेंद्र के बच्चे—Sunny, Bobby और Esha—सब अपनी-अपनी जिंदगी, करियर और परिवार में व्यस्त हैं।
धर्मेंद्र को पता था कि वे मुंबई में बसे हुए हैं और पंजाब की इस विरासत को संभाल पाना उनके लिए आसान नहीं होगा।
यह जमीन उनके लिए सिर्फ एक आर्थिक संपत्ति होती।
लेकिन भतीजों के लिए यह

- उनकी दैनिक जिम्मेदारी
- घर
- और परिवार का मान
सब कुछ है।
इसलिए धर्मेंद्र ने वह फैसला किया जो उनके दिल और उनकी जड़ों के सबसे करीब था।
एक इमोशनल और प्रेरणादायक फैसला
इस फैसले ने एक बात साबित कर दी—
विरासत सिर्फ खून से नहीं चलती, जिम्मेदारी से चलती है।
उनके भतीजों ने पीढ़ियों से विरासत को संभाला, और धर्मेंद्र ने उसी का सम्मान करते हुए जमीन उन्हें समर्पित कर दी।
आज जब अक्सर बॉलीवुड में संपत्ति को लेकर विवाद देखे जाते हैं, धर्मेंद्र का यह कदम रिश्तों की गहराई और जमीन से जुड़े संस्कारों का शानदार उदाहरण है।
फैंस की प्रतिक्रिया—“धर्मेंद्र असल लाइफ के हीरो हैं”
सोशल मीडिया पर लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं।
एक फैन ने लिखा:
“धर्मेंद्र जैसा इंसान आज के जमाने में बहुत कम मिलता है। विरासत वहां दी जहां उसकी कद्र है—सलाम।”
एक और ने लिखा:
“धर्मेंद्र सिर्फ बड़े अभिनेता नहीं, बड़े दिल वाले इंसान भी हैं।”
आखिरी बात
धर्मेंद्र का यह फैसला सिर्फ एक वसीयत नहीं—
यह एक संदेश है कि विरासत उन्हें दी जानी चाहिए जो उसे संभालते हैं,
न कि सिर्फ उन्हें जो उसे मालिकाना हक समझते हैं।
