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Devon Conway का बल्ला गरजा टेस्ट क्रिकेट में बनाया करियर का सबसे बड़ा स्कोर

वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट में डेवोन कॉनवे ने दोहरा शतक ठोककर न्यूज़ीलैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाया

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Devon Conway Double Century | टेस्ट क्रिकेट में करियर का सबसे बड़ा स्कोर
तीसरे टेस्ट में दोहरा शतक जड़ने के बाद जश्न मनाते डेवोन कॉनवे

न्यूज़ीलैंड के भरोसेमंद बल्लेबाज़ डेवोन कॉनवे ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी क्लास एक बार फिर साबित कर दी है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मुकाबले में कॉनवे का बल्ला ऐसा गरजा कि रिकॉर्ड्स की कतार लग गई। इस पारी के साथ उन्होंने न सिर्फ दोहरा शतक जमाया, बल्कि अपने टेस्ट करियर का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बना डाला।

मैच के दौरान ऐसा लग ही नहीं रहा था कि कॉनवे किसी दबाव में बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। गेंद चाहे तेज़ हो या स्पिन, उन्होंने हर चुनौती का जवाब पूरे आत्मविश्वास के साथ दिया। उनकी पारी देखकर साफ महसूस हुआ कि यह सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं, बल्कि धैर्य और तकनीक का बेहतरीन नमूना थी।

जब क्रीज़ पर डटे तो रुकने का नाम नहीं लिया

डेवोन कॉनवे जब बल्लेबाज़ी करने उतरे, तब न्यूज़ीलैंड को एक लंबी और टिकाऊ पारी की जरूरत थी। उन्होंने हालात को बखूबी समझा और शुरुआत में संयम रखा। जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती गई, वैसे-वैसे उनके शॉट्स में आक्रामकता बढ़ती चली गई।

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एक समय ऐसा आया जब वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ हर ओवर में नई योजना लेकर आए, लेकिन कॉनवे का बल्ला थमने का नाम ही नहीं ले रहा था। ब्रेक लगने तक वह अपने करियर का सबसे बड़ा स्कोर बना चुके थे।

दोहरा शतक जो यादों में रहेगा

यह दोहरा शतक सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं करता, बल्कि यह दिखाता है कि डेवोन कॉनवे लंबे फॉर्मेट में कितने परिपक्व बल्लेबाज़ बन चुके हैं। उन्होंने क्रीज़ पर बिताए हर पल को कीमती बनाया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

Devon Conway Double Century | टेस्ट क्रिकेट में करियर का सबसे बड़ा स्कोर


उनकी इस पारी ने न्यूज़ीलैंड के ड्रेसिंग रूम में नई ऊर्जा भर दी। साथी खिलाड़ी भी इस पारी को देखकर उत्साहित नजर आए।

वेस्टइंडीज की गेंदबाज़ी पर भारी पड़े कॉनवे

पूरे दिन वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ लाइन और लेंथ बदलते रहे, लेकिन कॉनवे ने धैर्य नहीं खोया। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदों को छोड़ा, खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया और स्पिनर्स के खिलाफ अपने फुटवर्क से रन बटोरे।

यही वजह रही कि न्यूज़ीलैंड इस मुकाबले में पूरी तरह हावी नजर आया।

टेस्ट क्रिकेट में बढ़ता कद

डेवोन कॉनवे का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में वह न्यूज़ीलैंड की टेस्ट टीम की रीढ़ बनने वाले हैं। सीमित ओवरों में पहचान बनाने के बाद अब उन्होंने लाल गेंद के क्रिकेट में भी खुद को बड़े मंच पर साबित कर दिया है।

यह पारी लंबे समय तक क्रिकेट फैंस को याद रहेगी।