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Pollution

दिल्ली घुट रही है! PMO की बड़ी चेतावनी: 37% गाड़ियां नियमों से बाहर, अब EV अपनाना जरूरी

प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्यों को दिया निर्देश—पुरानी गाड़ियों पर सख्ती, EV चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाने का आदेश

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Delhi Pollution: PMO Flags 37% Non-Compliant Vehicles, Pushes for EV Adoption
“दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण: PMO ने 37% गैर-मानक वाहनों पर सख्ती के निर्देश दिए”

दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की सांसें थाम दी हैं। सर्दियों की शुरुआत के साथ राजधानी की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच चुकी है, और Air Quality Index (AQI) 350 के पार दर्ज किया गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बड़ी बैठक में वाहन प्रदूषण को मुख्य कारणों में से एक बताते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

बैठक में बताया गया कि दिल्ली अकेले पूरे National Capital Region (NCR) के कुल वाहनों का आधे से ज्यादा हिस्सा अपने पास रखती है। चौंकाने वाली बात यह है कि अब भी 37% वाहन पुराने BS I से BS III उत्सर्जन मानकों वाले हैं, जो प्रदूषण को तेजी से बढ़ा रहे हैं।

PMO का सख्त संदेश

प्रधान सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मौजूद थे। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए:
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को तेजी से अपनाया जाए
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाए
पुराने वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो
प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए जाएं

PMO ने कहा कि अब केवल कागजी योजनाएं नहीं, बल्कि ‘practical, result-oriented’ उपाय लागू किए जाने चाहिए।

GRAP स्टेज 2 लागू

दिल्ली सरकार ने हालात देखते हुए GRAP Stage 2 लागू कर दिया है, जिसके तहत:

  • निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध
  • सड़क पर पानी का छिड़काव
  • धूल नियंत्रण उपाय
  • डीज़ल जेनरेटर पर रोक
    जैसे नियम लागू किए जा रहे हैं।

सिर्फ वाहनों की वजह नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण बढ़ने की पीछे सिर्फ पुरानी गाड़ियां नहीं, बल्कि—
पराली जलाना
निर्माण धूल
भारी वाहनों का प्रवेश
औद्योगिक उत्सर्जन
भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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इसी तरह पिछले साल भी अक्टूबर-नवंबर में दिल्ली का AQI 450 तक पहुंच गया था, जब स्कूलों को बंद करना पड़ा और दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम लागू करना पड़ा था।

EV है समाधान?

सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन बड़ा समाधान साबित हो सकते हैं। दिल्ली में EV उपयोग बढ़ा है, लेकिन चार्जिंग स्टेशनों की कमी अभी भी बड़ी समस्या है। कई यात्रियों ने शिकायत की कि लंबी दूरी की यात्रा में चार्जिंग सुविधा नहीं मिलने से परेशानी होती है।

लोगों की चिंता

सामान्य नागरिकों में भी चिंता बढ़ रही है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं जताईं। अस्पतालों में सांस और एलर्जी संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ने की रिपोर्ट भी सामने आ रही हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण नियंत्रण अब प्राथमिकता है और आने वाले दिनों में और बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।

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