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CBI करेगी ओडिशा SI भर्ती घोटाले और उत्तराखंड UKSSSC पेपर लीक की जांच

ओडिशा पुलिस SI भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं और उत्तराखंड UKSSSC परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच अब CBI करेगी। दोनों राज्यों की सरकारों ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपने की सिफारिश की है।

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CBI करेगी ओडिशा SI भर्ती घोटाले और उत्तराखंड UKSSSC पेपर लीक की जांच — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, “जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी।”
CBI करेगी ओडिशा SI भर्ती घोटाले और उत्तराखंड UKSSSC पेपर लीक की जांच — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, “जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी।”

देश में एक बार फिर भर्ती परीक्षाओं में धांधली के मामलों ने सुर्खियां बटोरी हैं। अब इन दोनों मामलों — ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती घोटाला और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक — की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) करेगी।


ओडिशा SI भर्ती घोटाले की जांच CBI को

ओडिशा क्राइम ब्रांच के निदेशक ने पुष्टि की है कि राज्य में हुई SI भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं की जांच अब CBI को औपचारिक रूप से सौंप दी जाएगी।

इस भर्ती घोटाले में आरोप है कि कई उम्मीदवारों ने धोखाधड़ी, पेपर आउट और सॉफ्टवेयर मैनिपुलेशन के ज़रिए चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया। राज्य सरकार ने माना कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब केवल केंद्रीय जांच एजेंसी ही इसकी निष्पक्ष जांच कर सकती है।


उत्तराखंड UKSSSC पेपर लीक मामला भी CBI को

CBI अब उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा पेपर लीक मामले की भी जांच करेगी।
यह मामला सितंबर 2025 में सामने आया था, जब आयोग की ग्रेजुएट-लेवल प्रतियोगी परीक्षा में व्यापक अनियमितताओं के आरोप लगे थे।

CBI करेगी ओडिशा SI भर्ती घोटाले और उत्तराखंड UKSSSC पेपर लीक की जांच — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, “जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी।”

जांच आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई

उत्तराखंड सरकार ने इस प्रकरण की जांच के लिए एक एक-सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया था, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू. सी. ध्यानी ने की।
यह आयोग 21 सितंबर 2025 को हुई परीक्षा में गड़बड़ियों की जांच कर रहा था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि आयोग ने “कम समय में उत्कृष्ट कार्य करते हुए” अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।
उन्होंने कहा —

“राज्य सरकार रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और उम्मीदवारों के हित में आगे के निर्णय लेगी। साथ ही CBI जांच की सिफारिश पहले ही की जा चुकी है ताकि जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो।”

उम्मीदवारों में रोष और जांच की मांग

दोनों राज्यों के हजारों उम्मीदवारों ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
सोशल मीडिया पर भी अभ्यर्थियों ने #JusticeForCandidates और #CBIProbe जैसे हैशटैग चलाकर जांच की मांग की थी।

CBI के हाथ में जांच आने के बाद अब उम्मीदवारों को उम्मीद है कि “दोषियों को सजा और चयन प्रक्रिया में न्याय” दोनों सुनिश्चित होंगे।


CBI करेगी ओडिशा SI भर्ती घोटाले और उत्तराखंड UKSSSC पेपर लीक की जांच — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, “जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी।”


राजनीतिक प्रतिक्रिया

ओडिशा और उत्तराखंड में विपक्षी दलों ने इन मामलों को लेकर सरकारों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस और अन्य दलों ने कहा कि राज्य एजेंसियों की नाकामी के कारण अब CBI को दखल देना पड़ा, जो यह दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावी नहीं रही।

वहीं दोनों राज्यों की सरकारों ने कहा कि उन्होंने “शून्य-सहिष्णुता नीति” अपनाई है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


निष्कर्ष

ओडिशा और उत्तराखंड दोनों में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर उठे सवालों के बाद CBI की जांच को एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या केंद्रीय एजेंसी इस जालसाजी के पीछे के वास्तविक चेहरों को सामने ला पाएगी और पीड़ित उम्मीदवारों को न्याय मिल पाएगा।