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एशेज की करारी हार के बाद भी पद पर बने रहना चाहते हैं Brendon McCullum, बोले– फैसला मेरे हाथ में नहीं
ऑस्ट्रेलिया में 3-0 से पिछड़ी इंग्लैंड, कोच मैकुलम और टीम मैनेजमेंट पर उठे सवाल
एशेज 2025-26 में इंग्लैंड को मिली करारी शिकस्त के बाद अब इंग्लिश क्रिकेट के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने साफ किया है कि वह अपने पद पर बने रहना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनका भविष्य पूरी तरह उनके हाथ में नहीं है।
इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगातार तीन टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। पर्थ, ब्रिस्बेन और एडिलेड में मिली हार के बाद मेहमान टीम पांच मैचों की सीरीज़ में 3-0 से पीछे हो चुकी है। महज़ 11 दिनों में ही एशेज इंग्लैंड के हाथ से निकल चुकी है।
‘हमारी ज़िंदगी की सबसे बड़ी सीरीज़’ और हकीकत
इस दौरे से पहले ब्रेंडन मैकुलम ने एशेज को “हमारी ज़िंदगी की सबसे बड़ी सीरीज़” बताया था। लेकिन मैदान पर नतीजे इसके बिल्कुल उलट रहे। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने हर विभाग में इंग्लैंड को पछाड़ते हुए एशेज ट्रॉफी पर फिर कब्ज़ा जमा लिया।
इस हार के बाद अब सिर्फ खिलाड़ियों ही नहीं, बल्कि कोचिंग स्टाफ और मैनेजमेंट की रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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मैकुलम और रॉब की पर दबाव
सीरीज़ में लगातार नाकामी के बाद अब कोच ब्रेंडन मैकुलम और इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की दोनों ही आलोचनाओं के घेरे में हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड की एक और असफलता ने टीम मैनेजमेंट की दिशा और फैसलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मैकुलम ने कहा कि वह अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और टीम को आगे ले जाना चाहते हैं, लेकिन अंतिम फैसला इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के हाथ में होगा।

ऑस्ट्रेलिया में जीत का सूखा जारी
इंग्लैंड की मुश्किलें सिर्फ इस सीरीज़ तक सीमित नहीं हैं। आंकड़े बताते हैं कि इंग्लैंड पिछले 18 टेस्ट मैचों से ऑस्ट्रेलिया में एक भी टेस्ट नहीं जीत पाई है। कप्तान बेन स्टोक्स के नेतृत्व में भी यह सिलसिला नहीं टूट सका।
लगातार हार ने इंग्लैंड के “बैजबॉल” अप्रोच पर भी बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या आक्रामक क्रिकेट की यह रणनीति ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में कारगर है या नहीं।
आगे क्या होगा?
अब सीरीज़ के बचे हुए मैच औपचारिकता भर रह गए हैं, लेकिन मैकुलम के लिए ये मुकाबले बेहद अहम हो सकते हैं। बेहतर प्रदर्शन न सिर्फ टीम का मनोबल बढ़ा सकता है, बल्कि उनके भविष्य के फैसले पर भी असर डाल सकता है।
इंग्लैंड क्रिकेट के भीतर यह चर्चा तेज़ है कि क्या बोर्ड मैकुलम और मौजूदा टीम मैनेजमेंट को आगे भी मौका देगा या एशेज की इस हार के बाद बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
