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बेंगलुरु की सख़्त कार्रवाई 18 दिन में 52 टन प्लास्टिक जब्त और 1.3 करोड़ का जुर्माना
बेंगलुरु में प्लास्टिक पर रोक के तहत बड़ी सफलता, अलग-अलग ज़ोन में छापेमारी से हज़ारों केस दर्ज और करोड़ों का जुर्माना
बेंगलुरु में प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ चलाया गया अभियान अब बड़े नतीजे दिखा रहा है। बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) की 18 दिन की कार्रवाई (8 से 26 सितंबर 2025) के दौरान अधिकारियों ने करीब 52 टन अवैध प्लास्टिक ज़ब्त किया और 1.3 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला।
इस दौरान शहर के पश्चिमी ज़ोन ने सबसे ज़्यादा सक्रियता दिखाई। यहां 2,876 मामले दर्ज हुए और लगभग 38.6 लाख रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। अधिकारियों ने इस ज़ोन से ही 12 टन प्लास्टिक जब्त किया, जो किसी भी ज़ोन में सबसे अधिक था।

दूसरी ओर, उत्तर ज़ोन ने मात्रा के लिहाज़ से बाज़ी मारी। यहां केवल 1,406 मामलों में 20 टन प्लास्टिक ज़ब्त किया गया। यह दर्शाता है कि यहां छापे ज़्यादातर थोक सप्लायर्स और गोदामों पर मारे गए, जिससे बड़ी मात्रा में माल बरामद हुआ। हालांकि, यहां प्रति किलोग्राम पर लगाए गए जुर्माने की औसत दर अपेक्षाकृत कम रही।
इसके विपरीत, पूर्वी ज़ोन ने कम मामलों में ज़्यादा सख्ती दिखाई। यहां केवल 959 मामलों में 1.2 टन प्लास्टिक बरामद हुआ, लेकिन प्रति किलोग्राम जुर्माना लगभग 946 रुपये रहा, जो सबसे ज़्यादा है। अधिकारियों का कहना है कि यहां ध्यान आदतन अपराधियों और दुकानदारों पर था। इस दौरान महादेवपुरा, केआर पुरम और बय्यतरायणपुरा जैसे इलाकों को हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना गया।
जुर्माने की सख्ती
प्रतिबंधित प्लास्टिक बेचने या स्टोर करने पर 50,000 से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, घरेलू उपयोगकर्ताओं पर भी कार्रवाई संभव है और उन्हें 1,000 तक रुपये का दंड देना पड़ सकता है। हाल ही में शहर में सड़कों और नालियों में कचरा फैलाने पर जुर्माना 2,000 रुपये तक बढ़ा दिया गया है।

9,500 से अधिक केस
कुल मिलाकर, शहरभर में 9,500 से अधिक केस दर्ज किए गए। यह न केवल प्लास्टिक उल्लंघनों की गंभीरता को उजागर करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि लंबे समय तक असर डालने के लिए प्रवर्तन रणनीतियों को और बेहतर करना ज़रूरी है।
क्यों ज़रूरी है यह कार्रवाई?
विशेषज्ञों का मानना है कि बेंगलुरु जैसे तेज़ी से बढ़ते शहर में प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण, जल निकासी और स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। प्लास्टिक कचरे से नालियां जाम होती हैं, जलभराव की समस्या बढ़ती है और इसका असर सीधे नागरिकों के जीवन पर पड़ता है।
लोगों की प्रतिक्रिया
इस अभियान के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने बीबीएमपी और BSWML की सराहना की। नागरिकों का कहना है कि अगर यह कार्रवाई नियमित और पारदर्शी ढंग से चले तो शहर में बड़ा बदलाव संभव है। वहीं, कुछ दुकानदारों ने तर्क दिया कि उन्हें सस्ते विकल्प उपलब्ध कराए बिना प्रतिबंधों का पालन करना मुश्किल है।
