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बेत शेमेश मिसाइल हमले में 9 की मौत, मध्यपूर्व तनाव की चपेट में अबू धाबी और कुवैत भी
ईरान के जवाबी हमलों के बीच इज़राइल में बढ़ी तबाही — क्षेत्र में उड़ान सेवाओं में भारी व्यवधान
मध्यपूर्व में जारी तनाव ने एक बार फिर पूरे विश्व को हिला दिया है। रविवार को इज़राइल के Beit Shemesh में एक बलिस्टिक मिसाइल सीधे एक आवासीय इलाके और बम शेल्टर को निशाना बनाते हुए गिरती चली गई, जिससे कम से कम 9 लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। स्थानीय आपातकालीन सेवाओं ने घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया है और नुकसान का मुआयना जारी है।
इस भीषण हमले से पहले इज़राइल और अमेरिका ने ईरान पर एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की, जिसमें ईरान के शीर्ष नेताओं समेत कई वरिष्ठ कमांडरों के मारे जाने की पुष्टि भी सामने आई है। ईरानी नेतृत्व ने इस हमले के बाद भारी जवाबी कार्रवाई करने का निर्णय लिया और मिसाइलों व ड्रोन के एक बड़े झड़प में इज़राइल सहित कई अन्य लक्ष्य पर निशाना साधा।
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बेत शेमेश में मिसाइल के सीधे प्रभाव से कई आवासन इकाइयां ध्वस्त हो गईं और राहत कार्यों में स्थानीय सेवाओं ने दिन-रात खोज और बचाव कार्य किया। इस हमले में घायल हुए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, और कई लोगों का इलाज फिलहाल जारी है।
वहीं, Abu Dhabi में एक अन्य हवाई हमले में भी कम से कम एक व्यक्ति की मौत की खबर मिली है और Kuwait में भी हताहत होने की पुष्टि हुई है, जिससे स्पष्ट है कि इज़राइल-ईरान संघर्ष पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।

इस गंभीर विवाद के चलते खाड़ी दिशा वाली हज़ारों उड़ानें रद्द या स्थगित कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा कारणों से कई एयरलाइनों ने इस क्षेत्र में जाने वाली उड़ानों को फिलहाल रोक दिया है।
“यह मध्यपूर्व में पिछले कई सालों में सबसे गंभीर सुरक्षा चुनौती है”, एक वैश्विक तनाव विशेषज्ञ ने दैनिक डायरी से बातचीत में कहा। उन्होंने आगे बताया कि युद्ध की आग फैलने से विश्व अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर भी गहरा असर पड़ा है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि बेत शेमेश का शांत वातावरण एकाएक युद्ध की विभीषिका में बदल गया। कई परिवार अपने प्रियजनों को खोज रहे हैं और समुदाय सदमे में है। राहत कार्यों में सामुदायिक समर्थन भी देखने को मिल रहा है, जिससे आगे की पुनर्निर्माण प्रक्रिया की उम्मीद बनी हुई है।
इस स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि इज़राइल-ईरान तनाव अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा — यह पूरे मध्यपूर्व को झकझोर रहा है और वैश्विक राजनीति पर भी इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
