Cricket
Ben Stokes को ‘ना छेड़ने’ की तैयारी में Australia, Virat Kohli वाली रणनीति फिर हुई एक्टिव
पहले Virat Kohli को भड़काने से बचती थी Australia, अब Ashes से पहले वही माइंड गेम England कप्तान Ben Stokes पर लागू करने की प्लानिंग।
Ashes का माहौल हमेशा तीखा, उग्र और मनोवैज्ञानिक दांव–पेचों से भरा रहता है। लेकिन इस बार Australia ने शुरुआत से ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं—वह England कप्तान Ben Stokes को किसी भी कीमत पर उकसाना नहीं चाहते। यह रणनीति बिलकुल वैसी ही है जैसी Virat Kohli के सुनहरे दौर में अपनाई जाती थी, जब पूरी Aussie टीम एक नियम फॉलो करती थी—“Don’t poke the bear.”
Perth के Optus Stadium में मीडिया से बात करते हुए ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक कप्तान Steve Smith ने कहा कि Stokes को भड़काना उन पर उल्टा भारी पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, “पिछले दो सालों में Ben Stokes ने England को जिस अंदाज़ में लीड किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। उन्हें उकसाना अच्छा आइडिया नहीं होगा। कई बार उन्होंने हमारे खिलाफ मैच अकेले पलटा है। हमारी कोशिश उन्हें शांत रखने की होगी।”
यह पहली बार नहीं है जब ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ियों ने ऐसे बयान दिए। कुछ हफ्ते पहले पूर्व ओपनर David Warner ने भी कहा था कि यदि Stokes को चैलेंज किया गया, तो वह और भी खतरनाक हो जाते हैं।
दरअसल, यह डर बेवजह नहीं है। 2019 का Headingley Test इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। जब Warner के एक कथित बयान ने Stokes को और जिद्दी बना दिया—और आउट ऑफ कंट्रोल दिखती परिस्थितियों के बावजूद England ने 359 रन का ऐतिहासिक चेज पूरा कर लिया। अंतिम विकेट के लिए Jack Leach के साथ की गई वह साझेदारी आज भी Ashes इतिहास के सबसे यादगार पलों में गिनी जाती है।
इसीलिए इस बार Australia का नजरिया साफ है—Stokes जितने शांत रहेंगे, टीम को उतना फायदा होगा।
Interestingly, इंग्लैंड के ओपनर Ben Duckett ने भी The Grade Cricketer पॉडकास्ट पर मजाक में कहा था कि ऑस्ट्रेलियाई टीम को Stokes को भड़काते रहना चाहिए, क्योंकि इससे Ashes और मज़ेदार हो जाती है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया इस सलाह को बिल्कुल सीरियसली नहीं लेना चाहती।
Stokes का रिकॉर्ड भी बताता है कि वह दबाव, उकसावे, तानों और स्लेजिंग से और बेहतर खेलते हैं। चाहे Lord’s हो, Headingley हो या Perth—Stokes तब और आगे बढ़ते हैं जब विपक्ष उन्हें रोकने की कोशिश करता है।

Australia के लिए यह सीरीज़ आसान नहीं होने वाली। Pat Cummins और Josh Hazlewood की उपलब्धता, Optus की तेज़ पिच, England का Bazball माइंडसेट—सब कुछ पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में Stokes को “जगाना” किसी भी दिन मैच का मोड़ पलट सकता है।
इसलिए Ashes शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलिया की प्लानिंग बिल्कुल स्पष्ट है—बदलती हुई पिचों के साथ रणनीति बदलेगी, गेंदबाज़ बदले जाएंगे, लेकिन एक चीज़ कॉमन रहेगी—Stokes से दूर रहो, बहस मत करो, और उन्हें ट्रिगर मत करो।
अब देखना यह है कि क्या यह शांत रणनीति ऑस्ट्रेलिया को कामयाबी दिलाती है, या फिर Stokes बिना उकसाए ही अपनी धमाकेदार खेल शैली से Ashes को हाई-ड्रामा में बदल देते हैं।
Ashes शुक्रवार से Perth में शुरू होगी—तेज़ गेंद, तेज़ माहौल और उससे भी तेज़ दिमागी खेलों के साथ।
