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“यही कारण क्यों बाहर हुए Kuldeep Yadav? Ravichandran Ashwin ने किया तीखा हमला Team India पर”
पहले ODI में भारत की टीम चयन नीति पर पूर्व स्पिनर Ravichandran Ashwin ने जताई नाराजगी, कहा – “बेस्ट बॉलर्स को खिलाओ, सिर्फ बल्लेबाज़ी गहराई मत बढ़ाओ।”
पर्थ के मैदान पर खेले गए पहले वनडे में India cricket team की हार के बाद पूर्व स्पिनर Ravichandran Ashwin ने टीम चयन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने Kuldeep Yadav को बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठाए और कहा कि इस तरह के ग्राउंड पर अगर कुलदीप को मौका नहीं मिलेगा, तो कब मिलेगा?
Ashwin ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा —
“मैं समझ सकता हूँ कि टीम ने बल्लेबाज़ी गहराई बढ़ाने के लिए तीन ऑल-राउंडर्स को शामिल किया। लेकिन भाई, गेंदबाज़ी भी तो महत्वपूर्ण है! इन बड़े ग्राउंड्स पर अगर Kuldeep को आज़ादी से गेंदबाज़ी नहीं करने दी जाएगी, तो वह कहाँ करेगा?”
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टीम ने पहले ODI में Washington Sundar, Axar Patel और Nitish Kumar Reddy को शामिल किया, जिससे बल्लेबाज़ी में गहराई तो आई, लेकिन बॉलिंग कमजोर पड़ गई। परिणाम — भारत की टीम 26 ओवरों में सिर्फ 136 रन पर ढेर हो गई।
Ashwin का कहना – “बेस्ट बॉलर ही जीत दिलाते हैं”
Ashwin ने टीम मैनेजमेंट की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि बल्लेबाज़ी गहराई के नाम पर बॉलिंग को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
“अगर आप एक एक्स्ट्रा बैटर खेल रहे हैं, तो इसका मतलब आप बैटर्स को छिपा रहे हैं। मेरा हमेशा कहना है — अपने बेस्ट बॉलर्स को खेलाओ। सिर्फ बल्लेबाज़ी बढ़ाने के लिए टीम मत बनाओ।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि चयनकर्ता और कप्तान Shubman Gill इस संतुलन पर ध्यान दें।

पर्थ की हापहले वनडे में भारत की कप्तानी Shubman Gill ने की। मैच में Virat Kohli और Rohit Sharma दोनों सस्ते में आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई।
तीन ऑल-राउंडर्स के बावजूद भारत न तो रन बना सका और न ही विकेट रोक सका। Ashwin के अनुसार, “अगर आप पहले से ही Axar और Washington को रख रहे हैं, तो तीसरा ऑल-राउंडर शामिल करने का कोई मतलब नहीं था।”
टीम बैलेंस का सवाल और आगे का रास्ता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चयन रणनीति से भारत का गेंदबाज़ी संतुलन बिगड़ा। पूर्व खिलाड़ियों जैसे Irfan Pathan ने भी कहा कि पर्थ जैसे मैदान पर स्पिनर प्रभावी हो सकते थे।
अब सवाल है कि अगले ODI में क्या Rahul Dravid और चयन समिति बदलाव करेगी? क्या Kuldeep Yadav को वापसी का मौका मिलेगा?
मानवीय दृष्टिकोण से समझें – टीम चयन में संतुलन जरूरी
Ashwin की बातों में एक गहरा संदेश है — “हर खिलाड़ी को उसकी ताकत के आधार पर अवसर देना चाहिए, न कि केवल टीम बैटिंग को लंबा करने के लिए।” यह बात किसी भी पेशे में लागू होती है — अगर कंपनी सिर्फ “संख्या बढ़ाने” में लगी रहे लेकिन “गुणवत्ता” पर ध्यान न दे, तो अंत में नुकसान तय है।
निष्कर्ष
Ashwin की यह आलोचना एक चेतावनी है कि भारत को अब “बेस्ट XI” चुनने में संतुलन बनाना होगा। बल्लेबाज़ी की गहराई तब तक बेअसर है जब तक गेंदबाज़ विपक्षी टीम को रोक न सकें। आने वाले मैचों में देखना दिलचस्प होगा कि क्या Team India अपनी गलती सुधारती है या नहीं।
