Connect with us

cricket

‘अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल को हटा भी सकते हैं…’ नेहरा ने GT कप्तान के समर्थन में खोली मोर्चा

लगातार फ्लॉप होने के बाद भी शुभमन गिल को मिला बड़ा सहारा, अशिष नेहरा बोले – दो मैच में जज करना सबसे बड़ी गलती

Published

on

टी20 सीरीज में खराब शुरुआत के बावजूद शुभमन गिल के समर्थन में उतरे अशिष नेहरा
टी20 सीरीज में खराब शुरुआत के बावजूद शुभमन गिल के समर्थन में उतरे अशिष नेहरा

टी20 क्रिकेट में फॉर्म जितनी तेजी से बनती है, उतनी ही तेजी से सवाल भी खड़े हो जाते हैं। भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टी20 सीरीज के पहले दो मुकाबलों में शुभमन गिल का बल्ला खामोश रहा है और इसी के साथ उनकी जगह को लेकर बहस तेज हो गई है। लेकिन इस बहस के बीच गुजरात टाइटंस के हेड कोच और भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अशिष नेहरा खुलकर अपने कप्तान के समर्थन में सामने आए हैं।

पिछले छह महीने पीछे जाएं तो भारतीय टी20 टीम को दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में गिना जा रहा था। आक्रामक बल्लेबाजी, ऊंचा रनरेट और बेखौफ अप्रोच – यही टीम इंडिया की पहचान बन चुकी थी। लेकिन जैसे ही टीम में बदलाव हुए और शुभमन गिल की एंट्री उपकप्तान के तौर पर हुई, समीकरण बदलने लगे।

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर संजू सैमसन और रिंकू सिंह पर पड़ा। सैमसन अब बेंच पर हैं और रिंकू मौजूदा स्क्वॉड का हिस्सा तक नहीं हैं।

टी20 सीरीज में खराब शुरुआत के बावजूद शुभमन गिल के समर्थन में उतरे अशिष नेहरा


दो मैच, चार रन और सवालों की बौछार

शुभमन गिल ने इस सीरीज के पहले दो टी20 मुकाबलों में सिर्फ चार रन बनाए हैं। कटक और मुल्लांपुर में वह कुल मिलाकर सिर्फ तीन गेंदें ही खेल सके – एक बार 4 रन और दूसरी बार शून्य।

इतने छोटे सैंपल साइज के बावजूद सोशल मीडिया और क्रिकेट पैनल्स में उनकी जगह पर सवाल उठने लगे। लेकिन यहीं पर अशिष नेहरा ने साफ शब्दों में कहा कि यही भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी समस्या है।

नेहरा का सीधा संदेश – सब्र रखो

समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में अशिष नेहरा ने कहा,
“अगर IPL तीन हफ्ते दूर होता, तो मुझे बिल्कुल चिंता नहीं होती। हम टी20 फॉर्मेट की बात कर रहे हैं और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सिर्फ दो मैच खेले गए हैं। अगर हम हर खिलाड़ी को दो-तीन मैच के बाद आंकने लगेंगे, तो मुश्किल हो जाएगी।”

नेहरा ने आगे उदाहरण देते हुए कहा कि टीम के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं है।
“आप चाहें तो अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल दोनों को हटा सकते हैं। आप साई सुदर्शन और ऋतुराज गायकवाड़ से ओपनिंग करा सकते हैं। चाहें तो वॉशिंगटन सुंदर और ईशान किशन को भी आजमा सकते हैं। ऑप्शन हमेशा रहते हैं, लेकिन अगर हर खराब आंकड़े के बाद बदलाव करेंगे, तो बहुत मुश्किल होगी।”

नेहरा का यह बयान सीधे तौर पर उस जल्दबाजी पर सवाल है, जिसमें खिलाड़ी को तुरंत बाहर करने की मांग उठने लगती है।

टीम इंडिया मैनेजमेंट भी गिल के साथ

सिर्फ नेहरा ही नहीं, बल्कि टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने भी शुभमन गिल का बचाव किया है। दूसरे टी20 में हार के बाद उन्होंने कहा कि गिल में क्वालिटी की कोई कमी नहीं है, बस समय की जरूरत है।

टेन डोशेट ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद गिल की सोच में बदलाव दिखा था।
“पहले मैच में हमने पावरप्ले में आक्रामक खेलने को कहा था और कटक की विकेट आसान नहीं थी। आज वह एक बेहतरीन गेंद पर आउट हुए। फॉर्म खराब होने पर ऐसा हो सकता है, लेकिन हमें उनकी क्लास पर भरोसा है।”

उन्होंने IPL रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि
“अगर आप IPL के आंकड़े देखें, तो गिल ने 600, 700 और 800 रन के सीजन खेले हैं। वह जरूर वापसी करेंगे।”

टी20 सीरीज में खराब शुरुआत के बावजूद शुभमन गिल के समर्थन में उतरे अशिष नेहरा


सैमसन और रिंकू की गैरमौजूदगी पर बहस

गौर करने वाली बात यह भी है कि संजू सैमसन ने पिछले साल तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए थे, जिसके बाद कई लोगों को लगा था कि वह प्लेइंग इलेवन में पक्के खिलाड़ी होंगे। लेकिन गिल की वापसी के साथ ही सैमसन को बाहर बैठना पड़ा।

इसी तरह, फिनिशर के तौर पर पहचान बना चुके रिंकू सिंह भी अब टीम का हिस्सा नहीं हैं। यही वजह है कि गिल की हर विफलता पर बहस और तेज हो जाती है।

निष्कर्ष

टी20 क्रिकेट में धैर्य रखना सबसे मुश्किल काम है। लेकिन अशिष नेहरा, टीम इंडिया मैनेजमेंट और आंकड़े – तीनों यही इशारा कर रहे हैं कि शुभमन गिल को अभी जज करना जल्दबाजी होगी।

अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मैचों में गिल अपने बल्ले से जवाब देते हैं या नहीं। फिलहाल, उनके पास भरोसा है – और यही किसी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी ताकत होती है।