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टीम इंडिया की चयन नीति पर सवाल, Arshdeep Singh को नजरअंदाज करने पर घिरे Gautam Gambhir और Shubman Gill
न्यूजीलैंड सीरीज में Prasidh Krishna को लगातार मौके देने पर भड़के Mohammad Kaif, बोले – हमेशा रन खा जाते हैं
न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में टीम इंडिया का टीम चयन एक बार फिर बहस का मुद्दा बन गया है। शुरुआती दो मुकाबलों में Arshdeep Singh को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के फैसले ने क्रिकेट जगत में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज Arshdeep Singh पिछले कुछ समय से टी20 क्रिकेट में भारत के लिए मैच विनर साबित हुए हैं, लेकिन वनडे फॉर्मेट में उन्हें लगातार मौके नहीं मिल पा रहे हैं।
पहले दो वनडे मैचों में टीम मैनेजमेंट ने तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी Mohammed Siraj, Prasidh Krishna और Harshit Rana को सौंपी। इस चयन में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि भारतीय आक्रमण में एक भी लेफ्ट आर्म पेसर शामिल नहीं था। ऐसे में गेंदबाजी में विविधता की कमी साफ नजर आई। अब जब सीरीज निर्णायक मुकाबले की ओर बढ़ रही है, तो चयन को लेकर नजरें Gautam Gambhir और कप्तान Shubman Gill पर टिक गई हैं।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज Mohammad Kaif ने इस चयन पर खुलकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने Arshdeep Singh को बाहर रखने के फैसले को समझ से परे बताया और Prasidh Krishna को लगातार समर्थन मिलने पर भी नाराजगी जताई। Mohammad Kaif का मानना है कि Arshdeep Singh विकेट लेने की क्षमता रखते हैं और उन्हें मौका मिलना चाहिए था।

अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए Mohammad Kaif ने कहा कि अगर कोई यह कहता है कि 280 रन का स्कोर कम था और इसलिए भारत मैच हार गया, तो ऐसी सोच के साथ टीम वर्ल्ड कप नहीं जीत सकती। उनके अनुसार, चैंपियन टीमें वही होती हैं जो 270-280 जैसे औसत स्कोर का भी गेंदबाजी के दम पर बचाव करना सीखती हैं।
Mohammad Kaif ने Prasidh Krishna को लेकर भी तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कुछ मैचों को छोड़ दें तो यह गेंदबाज अक्सर रन लुटाता है, जबकि Arshdeep Singh जैसे गेंदबाज विकेट निकालने की काबिलियत रखते हैं। उनका मानना है कि सिर्फ भविष्य को ध्यान में रखकर खिलाड़ियों को खिलाना सही नहीं है, खासकर जब मौजूदा विकल्प ज्यादा प्रभावी साबित हो सकते हों।
पूर्व क्रिकेटर ने ओस को लेकर बार-बार दिए जाने वाले तर्कों को भी खारिज किया। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ओस हमेशा एक फैक्टर रहेगी, लेकिन बड़ी टीमों को इससे निपटना सीखना होगा। Mohammad Kaif ने कहा कि खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट को हालात का बहाना बनाने के बजाय यह सोचना चाहिए कि ओस में भी विकेट कैसे लिए जाएं और मैच कैसे जीते जाएं।
अब सवाल यह है कि निर्णायक मुकाबले में टीम इंडिया अपने संयोजन में बदलाव करेगी या नहीं। क्या Arshdeep Singh को आखिरकार वनडे क्रिकेट में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा, या फिर Prasidh Krishna को एक और अवसर दिया जाएगा। इस फैसले से न सिर्फ सीरीज का नतीजा, बल्कि टीम इंडिया की आगे की रणनीति भी झलकती नजर आएगी।
