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धुरंधर के बाद Akshaye Khanna अचानक क्यों छा गए सोशल मीडिया पर और नेटफ्लिक्स ने कैसे पलट दी पूरी कहानी
थिएटर रिलीज़ के दो महीने बाद भी धुरंधर बना हुआ है चर्चा का केंद्र, और इसकी वजह सिर्फ फिल्म नहीं बल्कि अक्षय खन्ना की वापसी और नेटफ्लिक्स की स्मार्ट चाल है।
जब धुरंधर सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, तब किसी ने शायद यह नहीं सोचा था कि फिल्म रिलीज़ के दो महीने बाद भी यह नाम लगातार सुर्खियों में बना रहेगा। लेकिन ऐसा हुआ — और इसकी सबसे बड़ी वजह बने अक्षय खन्ना।
धुरंधर में अक्षय खन्ना की भूमिका सीमित स्क्रीन टाइम की थी, लेकिन उनका असर वैसा ही रहा जैसा किसी शांत लेकिन गहरे किरदार का होता है — जो धीरे-धीरे दिमाग में बैठ जाता है। फिल्म के रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर उनके डायलॉग्स, एक्सप्रेशंस और बॉडी लैंग्वेज के क्लिप्स वायरल होने लगे। खास बात यह रही कि यह वायरल ट्रेंड किसी प्रमोशन या पीआर कैंपेन का हिस्सा नहीं था, बल्कि ऑडियंस की ओर से आया रिएक्शन था।
यह वही अक्षय खन्ना हैं, जिन्हें बॉलीवुड में अक्सर “अंडररेटेड” कहा गया, लेकिन धुरंधर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि साइलेंट परफॉर्मेंस भी शोर मचा सकती है। जिस तरह लोग आज भी उनके पुराने किरदारों — जैसे दिल चाहता है या हंगामा — को याद करते हैं, उसी तरह धुरंधर में उनका किरदार भी चर्चा में आ गया।
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यहीं से कहानी में एंट्री होती है Netflix की। थिएटर रन खत्म होने के बाद जब फिल्म नेटफ्लिक्स पर आई, तो प्लेटफॉर्म ने पारंपरिक प्रमोशन से हटकर ऑडियंस के ट्रेंड को पकड़ने की रणनीति अपनाई। पोस्टर्स, थंबनेल्स और सोशल मीडिया कंटेंट में फिल्म से ज्यादा अक्षय खन्ना की मौजूदगी को हाइलाइट किया गया।
आम तौर पर ओटीटी प्लेटफॉर्म फिल्म के हीरो या बड़े स्टार्स पर फोकस करते हैं, लेकिन यहां नेटफ्लिक्स ने पूरी स्क्रिप्ट पलट दी। उन्होंने देखा कि लोग किस बारे में बात कर रहे हैं — और उसी को प्रमोशन का चेहरा बना दिया। नतीजा यह हुआ कि धुरंधर एक बार फिर ट्रेंड में आ गई, इस बार थिएटर के बाहर और डिजिटल स्पेस में।

एक दिलचस्प उदाहरण देखें — जैसे किसी शादी में कोई मेहमान ज्यादा बोलता नहीं, लेकिन उसकी मौजूदगी ही सबको याद रह जाती है। धुरंधर में अक्षय खन्ना भी कुछ ऐसे ही हैं। कम शब्द, कम सीन, लेकिन गहरा प्रभाव।
आज हालत यह है कि फिल्म रिलीज़ के दो महीने बाद भी धुरंधर एक “buzzword” बना हुआ है। सोशल मीडिया रील्स, मीम्स, एक्स (ट्विटर) डिस्कशन और यूट्यूब एनालिसिस वीडियो — हर जगह फिल्म और खासकर अक्षय खन्ना की चर्चा जारी है।
यह पूरा मामला बॉलीवुड और ओटीटी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत भी है — कि अब सिर्फ बॉक्स ऑफिस नंबर या ओपनिंग वीकेंड ही सब कुछ तय नहीं करता। असली ताकत उस परफॉर्मेंस में है, जो लोगों के दिल और दिमाग में टिक जाए।
