Air India
हवाई किराए पर बड़ा अपडेट Air India बोली– “4 दिसंबर से ही हम किराया सीमित कर रहे थे” सरकार के आदेश से पहले ही एयरलाइन ने उठाया कदम
इंडिगो की बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन के बीच जब टिकट दाम आसमान छूने लगे तो सरकार ने फेयर कैप लगाए—Air India ने कहा, “हम पहले से ही किराए नियंत्रित कर रहे थे”
देश में चल रहे एविएशन सेक्टर के बड़े व्यवधान के बीच हवाई किराए में जबरदस्त उछाल आया, जिसके बाद शनिवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने सभी एयरलाइनों को तुरंत फेयर कैप लागू करने का आदेश दिया। लेकिन इसी बीच Air India ने एक अहम स्पष्टीकरण दिया है—एयरलाइन का कहना है कि उसने 4 दिसंबर से ही नॉन-स्टॉप घरेलू उड़ानों पर इकॉनमी फेयर सीमित कर दिए थे, ताकि अचानक बढ़ती मांग के कारण टिकट कीमतें अनियंत्रित न हो जाएं।
एयर इंडिया की ओर से जारी बयान में कहा गया—
“4 दिसंबर से Air India और Air India Express ने सभी नॉन-स्टॉप घरेलू उड़ानों के इकॉनमी फेयर पर proactively कैप लगाया है, ताकि automated revenue systems कीमतों में अचानक बढ़ोतरी न करें।”
यह बयान तब आया जब सरकार ने सभी एयरलाइनों को नए निर्धारित किराया मानदंडों का पालन करने का निर्देश दिया, जिससे अत्यधिक किराया वसूली को रोका जा सके।

मल्टी-स्टॉप टिकटों पर सवाल—Air India का जवाब
सोशल मीडिया पर कई स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे थे, जिनमें एक या दो स्टॉप वाली उड़ानों के किराए बहुत अधिक दिखाए गए। इस पर Air India ने सफाई देते हुए कहा:
- मल्टी-स्टॉप रूट
- या अलग-अलग क्लास (इकॉनमी + प्रीमियम/बिजनेस) वाली बुकिंग
तकनीकी रूप से एक ही तरह के फेयर कैप के तहत नहीं लाई जा सकतीं।
एयरलाइन ने कहा कि वह ऐसी टिकट बेचने वाले थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म्स से बातचीत कर रही है, ताकि इन पर भी निगरानी रखी जा सके।
क्षमता बढ़ाने की कोशिश
एविएशन सेक्टर में अव्यवस्था के बीच Air India का कहना है कि वह यात्रियों की मदद के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है:
“हम यात्रियों और उनके सामान को जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त क्षमता जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।”
सरकार का बड़ा कदम—फेयर कैप लागू
शनिवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने अत्यधिक किराया वसूली रोकने के लिए अपने नियामक अधिकारों का उपयोग किया है।
मंत्रालय के अनुसार:

कई रूट्स पर टिकट कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी- इंडिगो द्वारा एक हफ्ते में कम से कम 1,600 उड़ानें रद्द किए जाने
- और यात्रियों की शिकायतों
के बाद यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।
मंत्रालय ने कहा:
“हमने देखा कि कुछ एयरलाइंस अव्यवस्था के बीच अत्यधिक किराया वसूल रही थीं। इस शोषण को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह हस्तक्षेप आवश्यक था।”
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि फेयर कैप तब तक लागू रहेंगे जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती।
फिलहाल क्या मतलब है यात्रियों के लिए?
- नॉन-स्टॉप घरेलू उड़ानों के इकॉनमी टिकटों पर अब अत्यधिक उछाल नहीं होगा।
- मल्टी-स्टॉप टिकटें अभी पूरी तरह कैप में नहीं हैं, लेकिन उन पर भी निगरानी बढ़ेगी।
- सेक्टर स्थिर होने तक सभी एयरलाइनों को सरकारी फेयर कैप के तहत काम करना होगा।
