Entertainment
Dwayne Johnson से Jacob Elordi तक, सात ए-लिस्ट सितारों ने बताई इंडस्ट्री में जगह बनाने की जंग, रिजेक्शन को हथियार बनाने और हिम्मत के साथ जोखिम उठाने की कहानी
ड्वेन जॉनसन से लेकर जैकब एलोर्डी तक, सात ए-लिस्ट सितारों ने बताया कैसे नाकामियों ने उन्हें ऑस्कर की रेस तक पहुंचाया
हॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे छुपी असली कहानियां बहुत कम सामने आती हैं। लेकिन इस बार Actors Roundtable में जो हुआ, उसने ग्लैमर से परे संघर्ष, रिजेक्शन और खुद पर भरोसे की कहानी को सामने रख दिया। इस खास चर्चा में सात ऐसे अभिनेता शामिल हुए, जो अलग-अलग देशों, उम्र और बैकग्राउंड से आए हैं, लेकिन आज एक ही मुकाम पर खड़े हैं — ऑस्कर की दहलीज पर।
इस राउंडटेबल में शामिल थे Dwayne Johnson, Jacob Elordi, Michael B. Jordan, Adam Sandler, Jeremy Allen White, Wagner Moura और Mark Hamill।
इन सातों की कहानियां एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। कोई टीवी से आया, कोई फिल्मों से, कोई रेसलिंग रिंग से तो कोई इंटरनेशनल सिनेमा से। उम्र का फासला भी कम नहीं — जैकब एलोर्डी जहां अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं, वहीं मार्क हैमिल दशकों से हॉलीवुड का हिस्सा रहे हैं।
और भी पढ़ें : Don 3 से Ranveer Singh का बाहर होना किसके लिए बनेगा सुनहरा मौका, क्या इस सुपरस्टार की हो रही है एंट्री
फिर भी बातचीत के दौरान एक बात साफ दिखी — सभी ने अपने करियर में रिजेक्शन को झेला है। किसी को ऑडिशन में बाहर कर दिया गया, किसी को “हीरो मटीरियल नहीं” कहा गया, तो किसी को लंबे समय तक गंभीर अभिनेता के रूप में नहीं लिया गया। लेकिन इन सितारों ने हार मानने के बजाय रिजेक्शन को ही अपनी ताकत बना लिया।

ड्वेन जॉनसन की कहानी इस चर्चा का सबसे दिलचस्प हिस्सा रही। प्रो-रेसलिंग से हॉलीवुड तक का सफर आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि अपनी पहली फिल्म The Mummy Returns के दौरान वह सहारा रेगिस्तान में शूटिंग कर रहे थे, बीमार थे, तेज गर्मी में ठंड लग रही थी, लेकिन कैमरा चालू होते ही उन्होंने खुद से कहा — “यही मैं जिंदगी भर करना चाहता हूं।” वही पल उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया।
मार्क हैमिल ने भी अपनी बात साझा करते हुए कहा कि Star Wars जैसी आइकॉनिक फिल्म के बाद भी उन्हें गंभीर अभिनय के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। वहीं जैकब एलोर्डी ने बताया कि कैसे टीवी शो से निकलकर फिल्मों में पहचान बनाना मानसिक तौर पर चुनौतीपूर्ण रहा।
इस राउंडटेबल की सबसे खास बात यह रही कि इतने बड़े नाम होने के बावजूद, इन सातों में से किसी को भी अब तक ऑस्कर नामांकन नहीं मिला है। लेकिन 2025 में आई उनकी फिल्मों को देखकर यह माना जा रहा है कि यह कमी जल्द पूरी हो सकती है।
कुल मिलाकर, यह बातचीत सिर्फ सितारों की नहीं थी, बल्कि हर उस इंसान की कहानी थी जो रिजेक्शन से डरता है। इन कलाकारों ने यह साबित किया कि असफलता अगर सही तरह से अपनाई जाए, तो वही सफलता की सबसे मजबूत सीढ़ी बन जाती है।
