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क्या PPF पर मिल सकता है लोन? जानिए पूरी प्रक्रिया, ब्याज और नियम
इमरजेंसी में काम आता है PPF अकाउंट—3 से 6 साल के बीच ले सकते हैं लोन, आसान है प्रक्रिया
भारत में निवेश के सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्पों में से एक Public Provident Fund (PPF) सिर्फ बचत का साधन ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय सहारा भी बन सकता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि PPF अकाउंट के खिलाफ लोन भी लिया जा सकता है।
PPF अकाउंट क्या है और क्यों है खास?
PPF एक सरकारी योजना है, जिसमें निवेशक हर साल 500 से 1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं। इस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।
यह योजना Section 80C के तहत टैक्स छूट भी देती है, जिससे निवेशक अपनी टैक्सेबल इनकम कम कर सकते हैं। फिलहाल इस पर करीब 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है और इसकी अवधि 15 साल होती है।
कब और कैसे ले सकते हैं लोन?
PPF अकाउंट पर लोन लेने की सुविधा एक खास समय के लिए होती है।
- आप अकाउंट खुलने के तीसरे से छठे वित्तीय वर्ष के बीच लोन ले सकते हैं
- इसके लिए आपको Form D भरना होता है
- यह फॉर्म आपके बैंक या पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध होता है
लोन के लिए आवेदन करते समय अकाउंट नंबर, लोन अमाउंट और पासबुक की कॉपी देनी होती है।
कितना लोन मिल सकता है?
नियमों के अनुसार, आप अपने PPF बैलेंस का अधिकतम 25% तक लोन ले सकते हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह बैलेंस आवेदन वर्ष से दो साल पहले के अंत का माना जाता है।
कितने समय में चुकाना होगा लोन?
PPF पर लिया गया लोन एक शॉर्ट-टर्म लोन होता है, जिसे आपको 36 महीने (3 साल) के भीतर चुकाना होता है।
- आप इसे एकमुश्त या किश्तों में चुका सकते हैं
- पहले मूलधन (principal) चुकाना जरूरी होता है
ब्याज कितना देना होगा?
- समय पर चुकाने पर ब्याज दर: 1% प्रति वर्ष
- अगर 36 महीने में लोन नहीं चुकाया: 6% प्रति वर्ष (बकाया राशि पर)
अगर समय पर भुगतान नहीं किया जाता, तो बकाया रकम सीधे आपके PPF अकाउंट से भी काटी जा सकती है।

कब काम आता है यह विकल्प?
मान लीजिए किसी व्यक्ति को अचानक मेडिकल इमरजेंसी या बच्चों की फीस के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है, तो वह बिना FD तोड़े या बाहर से महंगा लोन लेने के बजाय PPF से सस्ता लोन ले सकता है।
ध्यान रखने वाली बातें
- PPF लोन केवल सीमित समय के लिए उपलब्ध है
- यह सुविधा बार-बार नहीं मिलती, इसलिए सोच-समझकर इस्तेमाल करें
- समय पर भुगतान करना जरूरी है, वरना ब्याज बढ़ सकता है
