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Jaishankar बोले — Iran को कुछ नहीं दिया “बदले में”, बस India और Iran के बीच है एक पुराना रिश्ता
Strait of Hormuz से Indian-flagged ships के गुज़रने पर EAM S. Jaishankar ने Financial Times को दिया बड़ा बयान — कहा “यह कोई deal नहीं, यह relationship है”
जब दुनिया यह सोच रही थी कि India ने Iran को क्या दिया होगा बदले में — तब विदेश मंत्री S. Jaishankar ने साफ कर दिया कि यह कोई सौदा नहीं था। यह था दो देशों के बीच वह भरोसा जो दशकों की diplomacy से बना है।
क्या हुआ था Strait of Hormuz पर?
पिछले हफ्ते Iran ने दो Indian-flagged LPG carriers को Strait of Hormuz से गुज़रने की इजाज़त दी — और यह तब हुआ जब Prime Minister Narendra Modi और Iranian President Masoud Pezeshkian के बीच telephonic conversation हुई थी। यह Iran-US युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की पहली बातचीत थी। इससे पहले Jaishankar और उनके Iranian counterpart Seyed Abbas Araghchi के बीच भी बातचीत हुई थी।
अभी तक चार Indian-flagged vessels इस युद्धग्रस्त इलाके से सुरक्षित निकल चुके हैं। लेकिन अभी भी करीब 22 Indian-flagged vessels Persian Gulf के पश्चिमी हिस्से में फँसे हुए हैं।
Jaishankar का साफ जवाब — “यह exchange नहीं है”
Financial Times को दिए एक interview में Jaishankar ने कहा कि Iran के साथ direct talks ने नतीजे दिए हैं और यही सबसे effective तरीका था shipping को फिर से शुरू करवाने का। उन्होंने कहा, “If it is yielding results for me, I would naturally continue to look at it।”
जब यह पूछा गया कि Iran को इसके बदले में क्या मिला, तो Jaishankar ने स्पष्ट शब्दों में कहा — “It’s not an exchange issue। India and Iran have a relationship। And this is a conflict that we regard as something very unfortunate।”
उन्होंने यह भी बताया कि हर vessel अलग-अलग गुज़री — कोई “blanket arrangement” Iran के साथ नहीं हुई। यानी कोई एक बड़ी deal नहीं, बल्कि case by case बातचीत से रास्ता निकाला गया।
Europe की तुलना पर क्या बोले Jaishankar?
जब FT ने पूछा कि क्या European देश भी India जैसा arrangement कर सकते हैं, तो Jaishankar ने कहा कि हर देश का रिश्ता अपने दम पर टिका होता है — तुलना करना मुश्किल है। हालांकि उन्होंने कहा कि वो EU capitals के साथ India का approach share करने में खुश होंगे।
Strait of Hormuz की स्थिति क्या है?
Strait of Hormuz वो संकरा समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया का पाँचवाँ हिस्सा — यानी 20% — तेल गुज़रता है। Iran-US युद्ध की वजह से इस waterway पर तनाव बना हुआ है। Iran ने अमेरिकी और Israeli vessels को target किया है जिससे कई देशों के जहाज़ प्रभावित हुए हैं।

हालांकि Iran के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने शनिवार को साफ किया कि Strait of Hormuz सभी के लिए खुला है — सिवाय America और Israel के carriers के। उन्होंने कहा, “It is only closed to the tankers and ships belonging to our enemies।”
इस बीच US President Donald Trump ने Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए warships भेजने का ऐलान किया है और America के allies पर दबाव बना रहे हैं कि वो इस waterway को safe रखने में मदद करें। Trump ने कहा, “It’s only appropriate that people who are the beneficiaries of the Strait will help।”
Crude oil $100 प्रति barrel के पार
इस युद्ध का असर oil prices पर भी साफ दिख रहा है। सोमवार तक crude oil की कीमत करीब $100 प्रति barrel के आसपास थी। युद्ध को शुरू हुए तीन हफ्ते से ज़्यादा हो चुके हैं और तनाव अभी थमने का नाम नहीं ले रहा।
India की इस पूरी कूटनीतिक कोशिश ने एक बार फिर साबित किया है कि Tehran के साथ New Delhi के रिश्ते किसी भी pressure में भी काम आते हैं — और Jaishankar की यह diplomacy दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गई है।
