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Rajpal Yadav की ‘कम पढ़ाई’ वाली टिप्पणी पर विवाद, प्रियदर्शन ने दिया करारा जवाब

Rajpal Yadav के बयान से मचा बवाल, निर्देशक Priyadarshan बोले – “प्रतिभा का शिक्षा से सीधा संबंध नहीं”

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राजपाल यादव के बयान पर प्रियदर्शन की प्रतिक्रिया ने छेड़ी नई बहस।
राजपाल यादव के बयान पर प्रियदर्शन की प्रतिक्रिया ने छेड़ी नई बहस।

बॉलीवुड में बयानबाज़ी अक्सर सुर्खियां बन जाती है, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। अभिनेता राजपाल यादव के एक बयान ने चर्चा को जन्म दे दिया, जिसमें उन्होंने अपनी एक गलती का कारण “कम पढ़ाई” को बताया। इस बयान के बाद फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन सामने आए और उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया दी।

सूत्रों के मुताबिक, राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में कहा कि जीवन के शुरुआती दिनों में उन्हें सही मार्गदर्शन और शिक्षा नहीं मिल पाई, जिसके चलते कई बार निर्णय लेने में चूक हुई। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।


राजपाल यादव का पक्ष

राजपाल यादव ने साफ किया कि उनका आशय किसी को दोष देना नहीं था, बल्कि यह स्वीकार करना था कि बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन जीवन में सही फैसले लेने में मदद करता है।

“मैंने अपनी गलतियों से सीखा है। अगर पढ़ाई और समझ ज्यादा होती, तो शायद कुछ फैसले अलग होते,” उन्होंने कहा।

उनका यह बयान आत्मस्वीकार जैसा था, लेकिन इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

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प्रियदर्शन की प्रतिक्रिया

प्रियदर्शन, जिन्होंने राजपाल यादव के साथ कई फिल्मों में काम किया है, ने कहा कि प्रतिभा का सीधा संबंध औपचारिक शिक्षा से नहीं होता।

“कई महान कलाकार ऐसे रहे हैं जिनकी पढ़ाई ज्यादा नहीं थी, लेकिन उनकी प्रतिभा असाधारण थी। सीखने की इच्छा सबसे बड़ी शिक्षा है,” प्रियदर्शन ने कहा।

निर्देशक का यह बयान राजपाल यादव के समर्थन में देखा जा रहा है।

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राजपाल यादव का सफर

राजपाल यादव ने छोटे किरदारों से शुरुआत कर बॉलीवुड में अपनी खास पहचान बनाई। हेरा फेरी, चुप चुप के और भूल भुलैया जैसी फिल्मों में उनके कॉमिक किरदार आज भी याद किए जाते हैं।

उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि मेहनत और लगन से बड़ी से बड़ी बाधा पार की जा सकती है।


शिक्षा बनाम अनुभव

इस विवाद ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है — क्या सफलता के लिए औपचारिक शिक्षा जरूरी है?

विशेषज्ञ मानते हैं कि शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन अनुभव और व्यावहारिक समझ भी उतनी ही अहम होती है।

राजपाल यादव का बयान इसी संतुलन की ओर इशारा करता है।


निष्कर्ष

राजपाल यादव की टिप्पणी ने भले ही बहस छेड़ दी हो, लेकिन इससे एक सकारात्मक चर्चा भी शुरू हुई है — शिक्षा, अनुभव और प्रतिभा के बीच संतुलन की।

प्रियदर्शन का जवाब इस बात को रेखांकित करता है कि किसी कलाकार की पहचान उसके हुनर से होती है, न कि केवल डिग्री से।

बॉलीवुड में यह बहस आगे भी जारी रह सकती है, लेकिन एक बात तय है — प्रतिभा हमेशा अपना रास्ता खुद बना लेती है।