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प्रेमदासा की धीमी पिच पर घूमेगा रहस्यमयी जाल, भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले बढ़ी टेंशन

केत्तरारामा की चिपचिपी सतह पर स्पिनर्स बन सकते हैं गेमचेंजर, हालिया मैच में ऑस्ट्रेलिया की हार ने दिया बड़ा संकेत

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प्रेमदासा स्टेडियम की धीमी पिच पर भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले स्पिनर्स चर्चा में

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला वैसे ही हाई-वोल्टेज माना जाता है, लेकिन इस बार मुकाबले का रोमांच और भी बढ़ गया है। वजह है Premadasa Stadium की धीमी और नई तैयार की गई पिच, जिसे केत्तरारामा के नाम से भी जाना जाता है। यहां हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि बल्लेबाज़ नहीं, बल्कि गेंदबाज़—खासतौर पर रहस्यमयी स्पिनर्स—मैच का रुख तय कर सकते हैं।

हाल ही में इसी मैदान पर खेले गए मुकाबले ने सबको चौंका दिया। ज़िम्बाब्वे के तेज़ गेंदबाज़ों ने धीमी गेंदों और कटर्स का शानदार इस्तेमाल करते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को जकड़ लिया और 23 रनों से चौंकाने वाली जीत दर्ज की। इस मैच ने साफ संकेत दे दिया कि प्रेमदासा की यह सतह पारंपरिक तेज़ बल्लेबाज़ी के लिए नहीं, बल्कि धैर्य और चतुराई की परीक्षा लेने वाली है।

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अब जब इसी ट्रैक पर India और Pakistan आमने-सामने होंगे, तो सबकी निगाहें दोनों टीमों के स्पिन आक्रमण पर टिकी रहेंगी। भारतीय खेमे में जहां मिस्ट्री स्पिन और विविधता का मजबूत कॉम्बिनेशन मौजूद है, वहीं पाकिस्तान के पास भी ऐसे गेंदबाज़ हैं जो धीमी पिच पर बल्लेबाज़ों को छकाने का दम रखते हैं।

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क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस मैच में पावर-हिटिंग से ज्यादा अहम भूमिका विकेट पढ़ने और सही समय पर शॉट चुनने की होगी। जो बल्लेबाज़ धैर्य रखेगा और गेंद की गति को समझ पाएगा, वही टिककर रन बना सकेगा। वहीं गेंदबाज़ों के लिए यह पिच किसी खजाने से कम नहीं—सही लाइन-लेंथ और गति में बदलाव से वे बड़े-बड़े नामों को फंसा सकते हैं।

भारत-पाकिस्तान मुकाबले में वैसे भी दबाव चरम पर रहता है। ऐसे में धीमी पिच और रहस्यमयी गेंदबाज़ी का तड़का इस टक्कर को और भी दिलचस्प बना रहा है। साफ है कि प्रेमदासा की यह पिच सिर्फ स्कोर नहीं, बल्कि रणनीति, संयम और चतुराई की असली परीक्षा लेने वाली है।