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MS Dhoni के फिनिशर मंत्र ने बदली कहानी, पूर्व जामिया छात्र ने UAE को दिलाई यादगार जीत
MS Dhoni की ‘कूल’ सोच से प्रेरित होकर सोहैब खान ने दबाव में खेली तूफानी पारी, कनाडा के खिलाफ आखिरी ओवरों में पलटा मैच
क्रिकेट में कई बार मैच का रुख तकनीक से नहीं, सोच से बदलता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बल्लेबाज़ सोहैब खान ने मुश्किल हालात में भारत के दिग्गज कप्तान MS Dhoni के फिनिशर दर्शन को अपनाते हुए कनाडा के खिलाफ रोमांचक जीत की नींव रख दी।
मैच उस वक्त फिसलता हुआ लग रहा था जब UAE को 45 गेंदों में 85 रन चाहिए थे। रनरेट 12 के पार जा चुका था और कनाडा के स्पिनर लगातार दबाव बना रहे थे। ऐसे में नंबर 6 पर बल्लेबाज़ी करने आए सोहैब खान ने वही किया, जो धोनी वर्षों से सिखाते आए हैं—घबराओ मत, खुद पर भरोसा रखो और शांत रहो।
सोहैब ने 29 गेंदों में 51 रनों की नाबाद पारी खेली और आर्यांश शर्मा के साथ 83 रनों की निर्णायक साझेदारी कर टीम को पांच विकेट से जीत दिला दी। मैच के बाद उन्होंने कहा कि वह लगातार खुद को धोनी की बात याद दिला रहे थे—“प्रेशर में भी खुद को शांत रखो और अपने शॉट्स पर भरोसा रखो।”
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इस पारी का भावनात्मक पहलू और गहरा था। मुकाबला दिल्ली में खेला गया, वही शहर जहां से सोहैब के क्रिकेट सफर ने आकार लिया था। उन्होंने Jamia Millia Islamia विश्वविद्यालय से पढ़ाई करते हुए 2014 से 2019 तक विश्वविद्यालय क्रिकेट खेला और नॉर्थ ज़ोन का प्रतिनिधित्व भी किया।
सोशियोलॉजी के छात्र रहे सोहैब के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का रास्ता आसान नहीं था। सीमित मौकों और पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के चलते वह कोविड महामारी के दौरान UAE चले गए। वहां उन्होंने दिन में फाइनेंशियल कंसल्टेंट के रूप में काम किया और रात में क्रिकेट खेला—संघर्ष और सपनों का दुर्लभ संगम।

सोहैब कहते हैं कि टेनिस-बॉल क्रिकेट और घरेलू टूर्नामेंट्स ने उन्हें ऐसे दबाव भरे हालातों के लिए तैयार किया। उनका मानना है कि हर बार सफलता नहीं मिलती, लेकिन आत्मविश्वास हो तो 10 में से 3-4 बार बाज़ी पलटी जा सकती है।
कनाडा के खिलाफ यह जीत सिर्फ स्कोरकार्ड की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताती है कि सही सोच, धैर्य और संघर्ष से किसी भी मंच पर चमत्कार किया जा सकता है—और कभी-कभी वह प्रेरणा “कैप्टन कूल” से आती है।
