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IPL इतिहास की सबसे बड़ी डील RCB बिकने को तैयार ₹17000 करोड़ की जंग में उतरे दिग्गज
पहली IPL ट्रॉफी जीतते ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की बिक्री, अडानी से पूनावाला तक रेस में
IPL 2025 में ऐतिहासिक जीत के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह मैदान पर नहीं बल्कि बोर्डरूम में चल रही अरबों की डील है। टीम की मालिक कंपनी डियाजियो ने RCB को “नॉन-कोर एसेट” बताते हुए अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
RCB की पहली IPL ट्रॉफी ने फ्रेंचाइजी की ब्रांड वैल्यू को आसमान पर पहुंचा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक डियाजियो इस डील के लिए करीब 2 बिलियन डॉलर (लगभग 17,000 करोड़) की कीमत चाह रही है, जो IPL इतिहास की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी बिक्री हो सकती है।
₹17,000 करोड़ की रेस में कौन-कौन शामिल?
RCB को खरीदने की रेस में भारत और विदेश के कई बड़े नाम सामने आए हैं। सबसे पहले चर्चा में हैं अदार पूनावाला, जिन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुद इस बात की पुष्टि की कि वह RCB के लिए “मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली” लगाएंगे। उन्होंने RCB को IPL की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक बताया।
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इसके अलावा अडानी ग्रुप भी इस रेस में बड़ा दावेदार माना जा रहा है। 2022 में अहमदाबाद फ्रेंचाइजी से चूकने के बाद अब गौतम अडानी की नजर RCB पर बताई जा रही है।
JSW ग्रुप के पार्थ जिंदल का नाम भी चर्चा में है। हालांकि उनकी कंपनी पहले से दिल्ली कैपिटल्स में हिस्सेदार है, और IPL नियमों के तहत उन्हें पहले वहां से पूरी तरह बाहर निकलना होगा।
इसके अलावा अमेरिका की कुछ बड़ी प्राइवेट इक्विटी फर्म्स और संजय गोविल (जो MLC में वॉशिंगटन फ्रीडम टीम के मालिक हैं) भी संभावित खरीदारों में शामिल बताए जा रहे हैं।

जेल से आई ‘कॉन्ट्रोवर्शियल’ एंट्री
इस हाई-प्रोफाइल डील में एक अजीब मोड़ तब आया जब जेल में बंद ठग सुक्खेश चंद्रशेखर ने डियाजियो को पत्र लिखकर 1 बिलियन डॉलर की ऑल-कैश बोली लगाने का दावा किया। उन्होंने RCB को अपनी “होम टीम” बताते हुए इसे निजी तोहफा तक कह दिया। हालांकि बाजार के जानकार इस प्रस्ताव को सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं।
डियाजियो अभी क्यों बेच रहा है RCB?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी तरह से रणनीतिक फैसला है। IPL ट्रॉफी जीतने के तुरंत बाद टीम को बेचने से डियाजियो को “विनर प्रीमियम” मिल सकता है। कंपनी चाहती है कि 2026 सीजन शुरू होने से पहले, यानी 31 मार्च 2026 तक यह डील पूरी हो जाए।
हालांकि मालिकाना हक बदलने के बावजूद RCB की पहचान—नाम, लोगो और विराट कोहली से जुड़ा ब्रांड—बदले जाने की संभावना बेहद कम है।
अब सवाल सिर्फ इतना है—IPL की सबसे लोकप्रिय टीम का अगला मालिक कौन बनेगा?
