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Virat Kohli-Rohit Sharma से आगे सोचने का वक्त, Aakash Chopra का तीखा बयान क्यों टीम इंडिया को आईना दिखाता है

लगातार हार, सीरीज़ गंवाने का सिलसिला और सवालों के घेरे में टीम इंडिया की असली समस्या

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विराट कोहली और रोहित शर्मा — लेकिन सवाल अब सिर्फ इन दो नामों तक सीमित नहीं रहे
विराट कोहली और रोहित शर्मा — लेकिन सवाल अब सिर्फ इन दो नामों तक सीमित नहीं रहे

भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई सीरीज़ हाथ से निकलती है, सबसे पहला सवाल दो नामों पर आकर टिक जाता है — विराट कोहली और रोहित शर्मा। लेकिन इस बार पूर्व क्रिकेटर और मशहूर विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने इस सोच पर सीधा प्रहार किया है।

आकाश चोपड़ा का मानना है कि हर हार के बाद कोहली और रोहित को कटघरे में खड़ा करना असली मुद्दों से ध्यान भटका देता है। उनके मुताबिक, भारत ने हाल की तीन सीरीज़ में कुल नौ मैच खेले, जिनमें से केवल चार जीते और पाँच हारे। इतना ही नहीं, टीम इंडिया दो सीरीज़ गंवा चुकी है — एक ऑस्ट्रेलिया में और अब घरेलू हालात में न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ।

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चौंकाने वाली बात यह रही कि न्यूज़ीलैंड की यह टीम पूरी ताकत के साथ नहीं उतरी थी। इसके बावजूद भारतीय टीम दबाव में बिखरती दिखी। आकाश चोपड़ा ने साफ कहा कि कोहली और रोहित दोनों के खेलने के बावजूद टीम हार रही है, तो सवाल सिर्फ बड़े नामों पर क्यों टिके रहें?

विराट कोहली और रोहित शर्मा — लेकिन सवाल अब सिर्फ इन दो नामों तक सीमित नहीं रहे


असल चिंता बल्लेबाज़ी क्रम की निरंतरता, मिडिल ऑर्डर की नाकामी और गेंदबाज़ी में सही समय पर विकेट न ले पाने की है। कई मौकों पर टीम मजबूत स्थिति में होने के बावजूद मैच का नियंत्रण खोती नजर आई। यही वो पैटर्न है, जो पिछले कुछ महीनों से लगातार दोहराया जा रहा है।

आकाश चोपड़ा का इशारा साफ है — भारतीय क्रिकेट को अब भावनाओं से नहीं, तथ्यों और प्रदर्शन से आंकने की ज़रूरत है। सिर्फ स्टार खिलाड़ियों पर निर्भरता कम कर पूरे सिस्टम की समीक्षा जरूरी हो चुकी है। चयन नीति, टीम संतुलन और रणनीतिक फैसलों पर ईमानदार चर्चा के बिना आगे का रास्ता आसान नहीं होगा।

फैंस के लिए यह बयान चुभने वाला हो सकता है, लेकिन शायद यही कड़वा सच है। अगर भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ना है, तो कोहली-रोहित से आगे भी सोचना पड़ेगा — क्योंकि टीम एक खिलाड़ी से नहीं, पूरे ढांचे से बनती है।