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Yash की फिल्म Toxic के टीज़र पर मचा बवाल आखिर CBFC ने क्यों कहा ये कंटेंट कभी सर्टिफाइड ही नहीं था…?
Toxic टीज़र को लेकर बढ़ते विवाद पर CBFC चेयरमैन Prasoon Joshi का बयान, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दिखने वाले कंटेंट को लेकर बड़ा खुलासा
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार Yash की अपकमिंग फिल्म Toxic का टीज़र रिलीज़ होते ही विवादों में घिर गया। टीज़र में दिखाए गए बोल्ड और वयस्क कंटेंट को लेकर न सिर्फ सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं, बल्कि फिल्म के मेकर्स के खिलाफ औपचारिक शिकायतें भी दर्ज कराई गईं।
इस पूरे मामले पर अब Central Board of Film Certification (CBFC) के चेयरमैन Prasoon Joshi ने चुप्पी तोड़ी है और एक अहम बात साफ की है—
Toxic का टीज़र कभी भी CBFC द्वारा अप्रूव या सर्टिफाइड नहीं किया गया था।
CBFC चेयरमैन ने क्या कहा?
India Today से बातचीत में Prasoon Joshi ने कहा,
“मैं इस पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, जब तक कि यह मामला औपचारिक रूप से सर्टिफिकेशन बोर्ड के पास न आए।”
उन्होंने आगे यह भी स्पष्ट किया कि

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“आजकल लोग YouTube और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जो कुछ देखते हैं, यह मान लेते हैं कि वह CBFC से सर्टिफाइड है, जबकि सच्चाई यह है कि ऐसा नहीं होता।”
Joshi ने इसे “अनुचित धारणा” बताते हुए कहा कि OTT प्लेटफॉर्म, YouTube और अन्य डिजिटल माध्यमों पर दिखाया जाने वाला बहुत-सा कंटेंट कभी भी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया से नहीं गुजरता।
क्यों उठा Toxic टीज़र पर इतना बड़ा विवाद?
Toxic के टीज़र में दिखाया गया एक दृश्य खास तौर पर विवाद की वजह बना, जिसमें
- Yash एक कब्रिस्तान में अपनी कार के पीछे एक महिला के साथ यौन क्रिया में लिप्त दिखाई देते हैं
- उसी दौरान वे अपने दुश्मनों को मारने के लिए बम ब्लास्ट करते हैं
इस सीन को लेकर Aam Aadmi Party की कर्नाटक महिला विंग ने आपत्ति जताई। इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता Dinesh Kallahalli ने भी CBFC में शिकायत दर्ज कराई।
वहीं Karnataka State Commission for Women ने CBFC को पत्र लिखकर इस टीज़र पर “उचित कार्रवाई” की मांग की।

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डिजिटल कंटेंट और CBFC की भूमिका पर बड़ा सवाल
Prasoon Joshi ने यह भी कहा कि
“फिल्म सर्टिफिकेशन कोई आसान काम नहीं है। बोर्ड को यह संतुलन बनाना पड़ता है कि फिल्ममेकर क्या कहना चाहता है और समाज क्या स्वीकार कर सकता है।”
उनका मानना है कि CBFC को अक्सर बिना वजह दोषी ठहराया जाता है, जबकि कई बार विवादित कंटेंट बोर्ड के पास आता ही नहीं।
Vijay की Jana Nayagan पर भी चुप्पी
इसी इंटरव्यू के दौरान Prasoon Joshi से Vijay की आखिरी फिल्म Jana Nayagan के सर्टिफिकेशन विवाद पर भी सवाल पूछा गया।
उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला अभी sub judice है। गौरतलब है कि फिल्म की रिलीज़ से ठीक दो दिन पहले CBFC सर्टिफिकेट न मिलने के कारण इसकी रिलीज़ टाल दी गई थी।
मेकर्स पहले Madras High Court पहुंचे, जहां एकल पीठ ने U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया, लेकिन CBFC ने इसे चुनौती दी। बाद में मामला Supreme Court of India पहुंचा, जहां से मेकर्स को फिर हाई कोर्ट जाने के निर्देश दिए गए। अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।
निष्कर्ष
Toxic का मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि
क्या डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दिखने वाले कंटेंट के लिए कोई स्पष्ट रेगुलेशन होना चाहिए?
CBFC चेयरमैन का बयान इस बात को साफ करता है कि हर विवादित दृश्य के लिए बोर्ड को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है—खासतौर पर तब, जब वह कंटेंट कभी सर्टिफाइड ही नहीं हुआ हो।
