Connect with us

Sports

T20 वर्ल्ड कप से Shubman Gill बाहर, चयनकर्ताओं का बड़ा फैसला और उसके पीछे की पूरी कहानी

पावरप्ले स्ट्राइक रेट और टीम बैलेंस बना वजह, अजित अगरकर की अगुवाई में सेलेक्टर्स ने लिया साहसी कदम

Published

on

T20 वर्ल्ड कप से शुबमन गिल बाहर, चयनकर्ताओं ने क्यों लिया यह बड़ा फैसला?
टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड से बाहर किए जाने के बाद शुबमन गिल पर टिकी सभी की नजरें

टी20 वर्ल्ड कप से ठीक 49 दिन पहले भारतीय क्रिकेट चयनकर्ताओं ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स दोनों को चौंका दिया है। टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद युवा बल्लेबाज़ों में गिने जाने वाले शुबमन गिल को टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड से बाहर कर दिया गया है। यह फैसला उस समय आया है, जब गिल टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं और हाल ही में उन्हें टी20 सेटअप में दोबारा मौका दिया गया था।

जानकारी के मुताबिक, चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर ने यह फैसला चयन बैठक के बाद खुद शुबमन गिल को बताया। यह कोई अचानक लिया गया कदम नहीं था, बल्कि इसके पीछे आंकड़े, टीम संयोजन और रणनीतिक सोच शामिल थी।

क्यों नहीं बने गिल चयनकर्ताओं की पहली पसंद?

पिछले कुछ महीनों में शुबमन गिल का टी20 फॉर्म चयनकर्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, गिल पिछले 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए। लेकिन सिर्फ रन न बनाना ही वजह नहीं बना।

चयन समिति की सबसे बड़ी चिंता गिल का पावरप्ले स्ट्राइक रेट रहा। आधुनिक टी20 क्रिकेट में शुरुआती छह ओवरों में तेज़ रन बनाना बेहद जरूरी माना जाता है। चयनकर्ताओं को लगा कि गिल की बल्लेबाज़ी शैली पावरप्ले में टीम को वह गति नहीं दे पा रही, जिसकी जरूरत वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में होती है।

टीम बैलेंस और कॉम्बिनेशन पर जोर

सूत्रों के मुताबिक, चयनकर्ताओं ने बल्लेबाज़ी लाइनअप में ज्यादा आक्रामक विकल्पों को प्राथमिकता दी है। ऐसे खिलाड़ी जो शुरुआत से ही गेंदबाज़ों पर दबाव बना सकें और टीम को तेज़ शुरुआत दिला सकें। इसी वजह से टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव किया गया और गिल को बाहर रखने का कठिन फैसला लिया गया।

asia cup 2025 asia cup t20 shubman gill gill vice captain difficult for sanju samson to find p d4c7af4a16e94b2d0f25a91d8ab2a173


दिलचस्प बात यह है कि महज पांच महीने पहले ही शुबमन गिल को 14 महीने बाद टी20 टीम में वापसी का मौका मिला था। इतना ही नहीं, एशिया कप के दौरान उन्हें उप-कप्तान भी बनाया गया और अभिषेक शर्मा के साथ ओपनर के तौर पर आजमाया गया। लेकिन प्रयोग उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।

क्या यह फैसला जोखिम भरा है?

क्रिकेट जानकारों की राय बंटी हुई है। एक तरफ माना जा रहा है कि गिल जैसे क्लासिक बल्लेबाज़ को बाहर करना जोखिम भरा कदम है, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि टी20 क्रिकेट अब पूरी तरह टेम्पो और इंटेंट का खेल बन चुका है।

चयनकर्ताओं का साफ संदेश है—वर्ल्ड कप में वही खेलेगा जो टीम की जरूरत के मुताबिक फिट बैठे। नाम और रुतबे से ज्यादा अहमियत टीम के संतुलन और मैच जिताने की क्षमता को दी जा रही है।

आगे क्या?

शुबमन गिल के लिए यह झटका जरूर है, लेकिन उनका करियर यहां खत्म नहीं होता। टेस्ट और वनडे में उनकी अहम भूमिका बनी हुई है। टी20 में वापसी के लिए उन्हें फिर से वही करना होगा—रन, स्ट्राइक रेट और निरंतरता।

फिलहाल, टीम इंडिया पूरी तरह वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुट चुकी है और चयनकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि इस बार भावनाओं से ज्यादा रणनीति चलेगी।

और पढ़ें- DAINIK DIARY