Sports
एम्बाप्पे ने फिर बचाया रियल मैड्रिड: दो गोल, मगर आख़िरी मिनटों में सांसें थामे दिखी टीम
2025 में 58 गोल पूरे करते हुए एम्बाप्पे ने डबल किया धमाका, लेकिन तालावेरा के खिलाफ़ मैड्रिड को अंत तक झेलना पड़ा दबाव
कभी-कभी जीत स्कोरलाइन से बड़ी कहानी कहती है—और तालावेरा में रियल मैड्रिड की यह जीत उसी किस्म की रही। एक और रात जब खेल चमका नहीं, पर किलियन एम्बाप्पे ने टीम को डूबने से बचा लिया। फ्रांसीसी स्टार ने दो गोल दागकर 2025 में अपने गोलों की संख्या 58 तक पहुंचा दी, लेकिन सच्चाई यह रही कि मैच के आख़िरी हिस्से में मैड्रिड अपनी ही पेनल्टी एरिया में सिमट गया और गोलकीपर लूनिन के भरोसे रहा।
कोपा के इस मुकाबले में जाबी अलोंसो ने शुरुआत से ही आक्रामक सोच दिखाई। एम्बाप्पे के साथ एंड्रिक, गोंजालो और मास्तांतुओनो जैसे तेज़ विकल्प उतारे गए, जबकि मिडफील्ड में रचनात्मकता का भार आर्दा गुलर और सेबायोस पर था। प्लान साफ था—जल्दी बढ़त बनाओ, मेहनत बचाओ। लेकिन छोटे मैदान और घरेलू टीम के जज़्बे ने मैड्रिड को चैन नहीं लेने दिया।
शुरुआती दौर में तालावेरा ने उम्मीद से कहीं ज़्यादा आत्मविश्वास दिखाया। हेडर और ट्रांज़िशन में उन्होंने मैड्रिड को चौंकाया, जहां लूनिन को एक-दो मौकों पर बड़ा बचाव करना पड़ा। धीरे-धीरे मैड्रिड ने कब्ज़ा बढ़ाया—करीब 75% पज़ेशन—और मौके बनने लगे।

टर्निंग पॉइंट एक विवादित पेनल्टी रही, जिसे एम्बाप्पे ने ठंडे दिमाग से भुना लिया। पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में एम्बाप्पे का लो क्रॉस डिफेंडर फारांडो से टकराकर खुद के ही जाल में चला गया—ऑटो-गोल—और स्कोरलाइन ने मैड्रिड को राहत दी।
दूसरे हाफ में एम्बाप्पे के पास हैट्रिक के मौके भी आए, एक पर एंड्रिक की सटीक पास ने खतरा बनाया, मगर गोल नहीं हुआ। यहीं से कहानी बदली—मैड्रिड ने रफ्तार कम की, तालावेरा ने हिम्मत पकड़ी और दबाव लौट आया। आख़िरी मिनटों में मैड्रिड को ‘घड़ी देखने’ की नौबत आ गई।
अंततः स्कोर उनके पक्ष में रहा, पर संदेश साफ है—एम्बाप्पे जब चमकते हैं तो मैड्रिड बच जाता है; टीम गेम अभी और धार मांगता है। इस जीत ने उन्हें अगले राउंड तक पहुंचाया, मगर आने वाले बड़े इम्तिहानों से पहले सवाल जस के तस हैं।
और पढ़ें – DAINIK DIARY
