Air India
हफ्तों तक उड़ानें रद्द होने के बाद IndiGo ने उठाया बड़ा कदम, अब बाहर से होगी पूरी जांच
यात्रियों की परेशानी और लगातार उड़ान रद्द होने के मामलों के बाद IndiGo ने स्वतंत्र एविएशन विशेषज्ञों को सौंपा जांच का जिम्मा
भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन IndiGo को दिसंबर की शुरुआत में लगातार उड़ानें रद्द होने के कारण भारी आलोचना का सामना करना पड़ा। देश के कई बड़े हवाई अड्डों पर यात्रियों को घंटों इंतजार, अचानक कैंसिलेशन और वैकल्पिक व्यवस्था की कमी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ा। अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एयरलाइन ने एक अहम फैसला लिया है।
IndiGo ने शुक्रवार को बताया कि उसके बोर्ड ने हालिया उड़ान व्यवधानों की स्वतंत्र जांच के लिए एक विशेष कंसल्टिंग फर्म की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। यह जांच Chief Aviation Advisors LLC करेगी, जिसका नेतृत्व अनुभवी एविएशन विशेषज्ञ कैप्टन जॉन इल्सन कर रहे हैं।
एयरलाइन के मुताबिक, यह फैसला बोर्ड द्वारा गठित क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की सिफारिश के बाद लिया गया है। यह समूह दिसंबर के पहले हफ्ते में उड़ानों के बड़े पैमाने पर प्रभावित होने के बाद बनाया गया था।

IndiGo के बयान में कहा गया है कि कैप्टन जॉन इल्सन को विमानन क्षेत्र में चार दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने FAA, ICAO, IATA जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और कई वैश्विक एयरलाइंस के साथ काम किया है। सुरक्षा मानकों, अंतरराष्ट्रीय नियमों और नई विमान तकनीक पर उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जांच का मुख्य उद्देश्य हालिया परिचालन संकट के असल कारणों (Root Cause Analysis) की पहचान करना और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए सुधार के सुझाव देना है। रिपोर्ट पूरी होने के बाद इसे सीधे IndiGo बोर्ड को सौंपा जाएगा।

गौरतलब है कि 2 दिसंबर से शुरू हुए इस संकट के दौरान IndiGo को सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। इससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं बिगड़ गईं और कई एयरपोर्ट पर अव्यवस्था का माहौल बन गया। इस मामले को लेकर DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय भी एयरलाइन की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
इससे पहले IndiGo ने शुरुआती कारणों के तौर पर Flight Duty Time Limitations (FDTL) नियमों में हालिया बदलाव, कुछ तकनीकी खामियां, शेड्यूल में बदलाव और खराब मौसम को जिम्मेदार बताया था। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि जानकारी और वैकल्पिक व्यवस्था की कमी ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया।
अब इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट्स की जांच से उम्मीद की जा रही है कि न केवल जिम्मेदारी तय होगी, बल्कि यात्रियों का भरोसा भी दोबारा कायम करने के लिए ठोस कदम सामने आएंगे।
