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IND vs SA 1st T20: भारत के सवालों का जवाब नहीं दे पाई साउथ अफ्रीका—Ashwell Prince बोले, “हम पूरी तरह फेल रहे”
बाराबती की उछाल, भारतीय गेंदबाज़ों की धार और 101 रन की करारी हार—साउथ अफ्रीका का 74 पर ढेर होना बना टीम के लिए सबसे बड़ा सबक।
कटक के बाराबती स्टेडियम में मंगलवार की रात कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी को थी। साउथ अफ्रीका की मजबूत मानी जाने वाली बल्लेबाज़ी 176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 74 रन पर सिमट गई। यह उनका T20I इतिहास का सबसे कम स्कोर है।
मैच के बाद टीम के बल्लेबाज़ी कोच Ashwell Prince ने साफ शब्दों में स्वीकार किया—“हम भारत के सवालों का जवाब ही नहीं दे पाए।”
भारत की गेंदबाज़ी—सवाल मुश्किल, जवाब नामुमकिन
Prince का मानना था कि भारतीय गेंदबाज़ों ने शुरुआत से ही साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज़ों को जकड़कर रखा।
उन्होंने कहा—
“भारतीय गेंदबाज़ बेहद फ़ॉर्मिडेबल थे। उन्होंने हर ओवर में अच्छे सवाल पूछे और हम एक भी जवाब नहीं ढूंढ पाए।”
कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज ने जिस तरह पिच की दो-गति (two-paced nature) का फायदा उठाया, उससे SA बल्लेबाज़ शुरुआत से ही दबाव में आ गए।
‘बाउंस बहाना नहीं’ — Prince बोले, “हम इसके आदी हैं”
बाराबती की लाल मिट्टी वाली पिच पर उछाल और कभी-कभार उठती हुई गेंदों ने SA बल्लेबाज़ों को परेशान किया।
लेकिन Prince ने माना कि बाउंस उनके लिए बहाना नहीं हो सकता:
“हम साउथ अफ्रीकन हैं… बाउंस तो हमारे घरेलू क्रिकेट का हिस्सा है। यह कमजोरी का बहाना नहीं बन सकता।”
टॉस जीतकर गेंदबाज़ी—उलटा पड़ गया फैसला?
पहले गेंदबाज़ी चुनकर SA ने भारत को 175/6 पर रोका।
Prince के मुताबिक यह चेज़ करने लायक स्कोर था:
“180 से नीचे का लक्ष्य हमेशा T20 में चेज़ हो सकता है… लेकिन हम जवाब ही नहीं दे पाए।”
भारत ने भी बल्लेबाज़ी में संघर्ष किया था और शुरुआती विकेट गंवाए। लेकिन जैसे ही Hardik Pandya आए, मैच का रुख बदल गया।

Hardik Pandya—शांत दिमाग, क्लीन हिटिंग और मैच बदलने वाली पारी
साउथ अफ्रीकी कोच Prince ने हार्दिक की पारी की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा—
“Hardik calm रहता है… वह सही गेंद पहचानता है। execution में clarity है और जब मारता है तो बिना हिचकिचाहट के मारता है।”
Hardik ने पहले स्पिनर्स पर अटैक किया, फिर आखिरी ओवरों में तेज़ गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया।
उन्हीं की पारी की बदौलत भारत 175 तक पहुंच पाया—और बाद में यह स्कोर SA के लिए पहाड़ बन गया।
बड़े सवाल: साउथ अफ्रीका की बल्लेबाज़ी… वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी?
74 पर ऑलआउट होना सिर्फ हार नहीं, बल्कि टीम की बुनियादी कमियों की ओर इशारा है:
- टॉप ऑर्डर की नाज़ुक मानसिकता
- स्पिन और स्लो पिच पर कमजोरी
- प्रेशर में शॉट सिलेक्शन की समस्या
- भारतीय गेंदबाज़ों की योजनाओं को समझ न पाना
आने वाले मैचों में SA को तेज़ी से सुधार दिखाना होगा, क्योंकि फरवरी से T20 वर्ल्ड कप शुरू होने वाला है, और ऐसी बल्लेबाज़ी उनके अभियान को मुश्किल में डाल सकती है।
निष्कर्ष
पहले मैच में भारत ने साफ दिखा दिया कि वर्ल्ड कप की तैयारी में वे किसी भी चुनौती को हल्के में नहीं ले रहे।
वहीं साउथ अफ्रीका के लिए यह हार सीखों से भरी है—क्योंकि Prince के शब्दों में,
“आज हम टास्क के लायक नहीं थे।”
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