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“Gabba में England की फील्डिंग क्यों टूटी? Joe Root ने किया बचाव—‘तैयारी सही थी, बस कैच हाथ में नहीं टिके’”
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने दिन दो पर पाँच आसान मौके गंवाए। लेकिन Joe Root का कहना है—गब्बा जैसी परिस्थितियाँ किसी भी तैयारी को चुनौती दे देती हैं, गलती तैयारी की नहीं, हालात की थी।
ब्रिस्बेन के Gabba मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की कहानी कुछ ऐसी रही—पहले दिन उम्मीद, दूसरे दिन हताशा।
Joe Root की शानदार शतकीय पारी ने इंग्लैंड को 334 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन वही Root दूसरे दिन अपनी टीम की फील्डिंग देखकर निराश नज़र आए।
इंग्लैंड ने दिन दो पर पाँच कैच छोड़े, जिनमें चार कैच फ्लडलाइट्स के नीचे पिंक बॉल से छूटे। इन मिस्ड मौकों ने मैच को पलट दिया और ऑस्ट्रेलिया ने 378/6 बनाकर 44 रनों की लीड ले ली।
Root का बचाव—‘तैयारी शानदार थी, स्थितियाँ चुनौतीपूर्ण थीं’
कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाया कि क्या इंग्लैंड ने डे-नाइट हालात के लिए पर्याप्त अभ्यास नहीं किया?
लेकिन Root ने टीम का मजबूती से बचाव किया।
उन्होंने कहा:
“हमने जितनी मेहनत कर सकते थे, उतनी की। पाँच दिनों की तैयारी की, दो दिन फ्लडलाइट में कैचिंग ड्रिल्स कीं। कभी-कभी कैच बस हाथ में नहीं टिकते।”
इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया की Prime Minister’s XI के खिलाफ दो दिवसीय warm-up मैच नहीं खेला, जबकि यही मौका खिलाड़ियों को डे-नाइट कंडीशन में ढाल सकता था।
लेकिन Root के अनुसार:
- Gabba जैसी बाउंस,
- पिंक बॉल की दृश्य चुनौती,
- और शाम ढलने के बाद की ट्विलाइट विज़िबिलिटी
इन सभी को नेट प्रैक्टिस में हूबहू दोहराना असंभव है।
कौन-कौन से कैच छूटे?—एक-एक गलती का बड़ा असर
🔹 1. Travis Head — Jamie Smith का ड्रॉप (स्कोर: 3)
Head बाद में 33 तक पहुंचे और टेस्ट का रुख बदल दिया।
🔹 2. Alex Carey — Ben Duckett का पॉप-अप मिस
Carey गोल्डन डक पर लौट सकते थे, पर किस्मत उनके साथ थी।
🔹 3. Josh Inglis — Duckett का स्लिप कैच मिस
इंग्लिस को बाद में Stokes ने आउट किया, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।
🔹 4. Michael Neser — Brydon Carse का सीधा कैच टपकना
यह कैच न सिर्फ आसान था—बल्कि Carse की उंगली में भी चोट लग गई।
🔹 5. Carey फिर बच गए, Root और Smith के बीच से गेंद निकल गई
शाम के समय पिंक बॉल की तेज़ चमक ने दोनों को धोखा दे दिया।
इन छूटी हुई गेंदों से 49 रन की तंगड़ी ऑस्ट्रेलियाई साझेदारी बनी, जिसने इंग्लैंड के मैच में टिके रहने की उम्मीद कमजोर कर दी।

Floodlights + Pink Ball = फील्डिंग की असली परीक्षा
Root ने कहा:
“हमने धूप में भी पकड़ा, छाया में भी, फ्लडलाइट्स में भी… लेकिन ट्विलाइट को हर दिन कॉपी नहीं कर सकते।”
ट्विलाइट में:
- बॉल की चमक तेज हो जाती है
- आसमान और रोशनी का contrast बदलता है
- गेंद की ट्रैजेक्टरी आँखों को धोखा देती है
इन परिस्थितियों में स्लिप फील्डिंग सबसे कठिन मानी जाती है।
ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज Jake Weatherald ने भी इंग्लैंड के लिए सहानुभूति जताई:
“यह बेहद मुश्किल है। स्क्वेयर ऑफ द विकेट कैच पकड़ना फ्लडलाइट में लगभग एक अलग खेल जैसा लगता है।”
क्या इंग्लैंड ने तैयारी का मौका गंवाया?
कुछ पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि Canberra में Prime Minister’s XI के खिलाफ खेलने से फायदेमंद अभ्यास मिलता।
लेकिन टीम प्रबंधन मानता था कि—
- Gabba की पिच,
- 3mm घास,
- और ऑस्ट्रेलियाई बाउंस
को किसी warm-up मैच में रिप्लिकेट नहीं किया जा सकता।
इंग्लैंड ने अपनी योजना पर भरोसा किया—
पर गेंद हाथ में नहीं ठहरी, और कहानी वहीं बदल गई।
Root का संदेश—“कैच छूटें तो भी अगला मौका लेने की भूख रखो”
Root ने टीम को मानसिक मजबूती का संदेश देते हुए कहा:
“कभी-कभी कैच नहीं चिपकते। लेकिन आपको हार नहीं माननी चाहिए। अगला कैच ही मैच बदल देता है।”
इंग्लैंड अब भी इस मैच में पूरी तरह बाहर नहीं है, लेकिन
पिंक बॉल के नीचे छूटे पाँच कैच उन्हें भारी कीमत चुकवा सकते हैं।
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