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खोया फोन हो जाएगा एक क्लिक में ब्लॉक… सरकार के ‘संचार साथी’ ऐप के 5 धमाकेदार फीचर्स, हर यूज़र के बहुत काम आएंगे
संदिग्ध कॉल रिपोर्ट से लेकर IMEI ब्लॉक तक—अब मोबाइल सुरक्षा हुई और भी आसान, जानिए ‘संचार साथी’ ऐप आपको कैसे बचाएगा ठगी और फर्जीवाड़े से
अगर आपका फोन चोरी हो जाए या गलती से कहीं खो जाए, तो सबसे ज़्यादा डर इसी बात का होता है कि आपका डेटा, आपकी पहचान और आपके बैंकिंग ऐप्स गलत हाथों में न पड़ जाएं। लेकिन अब सरकार के संचार मंत्रालय (DoT) ने इस चिंता का एक पक्का इलाज निकाल दिया है—‘संचार साथी’ ऐप।
यह ऐप बेहद चुपचाप लेकिन तेजी से पूरे देश में लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि इसमें ऐसे फीचर्स दिए गए हैं जो हर स्मार्टफोन यूज़र के लिए जरूरी हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे सीधे Department of Telecommunications ने तैयार किया है, और यह उसी तरह भरोसेमंद है जैसे सरकार का Aadhaar Portal या DigiLocker।
आइए जानते हैं इस ऐप के 5 सबसे दमदार फीचर्स, जो आपके मोबाइल को सुरक्षित रखने में आपकी ढाल बन जाएंगे।
संदिग्ध कॉल और मैसेज की तुरंत रिपोर्टिंग (Chakshu Service)
संचार साथी ऐप में आपको सबसे ऊपर मिलेगा ‘चक्षु सर्विस’, जो आज के समय की सबसे जरूरी सुविधा है।
इसे इस्तेमाल करके आप—
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- फर्जी लोन कॉल
- अनजान नंबर से OTP मांगने वाले
- ई-केवाईसी के नाम पर ठगी करने वाले
- बैंक फ्रॉड मैसेज
- लिंक पर क्लिक करने का लालच देने वाले साइबर स्कैम
इन सबको तुरंत सरकार तक रिपोर्ट कर सकते हैं।
DoT के डेटा के मुताबिक, पिछले 6 महीनों में इसी सुविधा के जरिए हजारों फर्जी कॉलिंग नेटवर्क पकड़े हैं—जिनमें कई बड़े मॉड्यूल शामिल थे।
चोरी या खोया फोन तुरंत ब्लॉक करें (CEIR)
अगर आपका फोन चोरी या गुम हो जाए, तो बस यह ऐप खोलें और IMEI डालकर उसे पूरी तरह ब्लॉक कर दें।
इसके बाद उस मोबाइल का कोई इस्तेमाल नहीं कर सकेगा—न कॉल, न डेटा, न सिम।

- यह सुविधा CEIR (Central Equipment Identity Register) के जरिए चलती है।
- पहले यह प्रक्रिया सिर्फ पुलिस में FIR के बाद होती थी, अब 2 मिनट में ऐप से हो जाती है।
- जालसाज आपका सिम निकालकर भी फोन नहीं चला पाएंगे।
जब आपका फोन वापस मिल जाए, तो आप इसे अन-ब्लॉक भी कर सकते हैं।
आपके नाम पर कितने मोबाइल नंबर चल रहे हैं? (TAFCOP Service)
भारत में लाखों लोग ठगी का शिकार तब होते हैं, जब उनके नाम पर बिना जानकारी के सिम सक्रिय कर दी जाती है।
संचार साथी ऐप में TAFCOP सेक्शन खोलकर आप तुरंत देख सकते हैं—
- आपके आधार पर कितने नंबर रजिस्टर्ड हैं
- कौन सा नंबर आपके इस्तेमाल में नहीं है
- किसी नंबर को बंद करवाना है या रिपोर्ट करना है
कई मामलों में लोगों के नाम पर 8–10 अज्ञात नंबर निकले हैं—अब आप खुद इसे रोक सकते हैं।
फर्जी फोन की असलियत पकड़ें (Fake Phone Check)
आज मार्केट में ‘फर्जी IMEI वाले डुप्लीकेट फोन’ की बाढ़ आ चुकी है।
ऐसे फोन साइबर फ्रॉड के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं।
संचार साथी ऐप में आप—
- फोन का IMEI डालकर
- ब्रांड और मॉडल की आधिकारिक जानकारी
- भारत में उसकी वैध लिस्टिंग
सब कुछ चेक कर सकते हैं।
यह फीचर खास इसलिए है क्योंकि फर्जी फोन अक्सर चोरी के पार्ट्स से बनाए जाते हैं और टैक्स चोरी में शामिल होते हैं।

इंटरनेशनल कॉल्स से आने वाली धोखाधड़ी रिपोर्ट करें
अगर किसी इंटरनेशनल नंबर से आपको—
- KYC अपडेट
- बैंक ब्लॉक
- क्रेडिट कार्ड क्लोजर
- विदेशी नौकरी का लालच
- रकम दोगुनी करने का वादा
ऐसे संदेश आए हों, तो ऐप से रिपोर्ट कर दें।
DoT इन्हें ट्रैक कर कार्रवाई करता है, और कई बार पूरे मॉड्यूल पकड़ लेता है।
यह ऐप क्यों बना गेम-चेंजर?
- 120 दिनों के भीतर ऐप से मिली रिपोर्ट के आधार पर हजारों नंबर बंद किए गए।
- साइबर फ्रॉड वाली 300+ साइट्स ब्लॉक की जा चुकी हैं।
- पुलिस को फोन खोजने में ऐप के जरिए भारी मदद मिल रही है।
- आम लोगों में डिजिटल सुरक्षा की जागरूकता बढ़ रही है।
सच कहा जाए तो, संचार साथी ऐप आज के समय में उतना ही महत्वपूर्ण है जितना Aadhaar और UPI।
