Sports
गौतम गंभीर और चयन समिति पर उठे सवाल! क्या भारत की टेस्ट गिरावट की असली वजह यही है?
लगातार घरेलू हार, स्पिन की कमजोरी और गलत टीम मैनेजमेंट — विशेषज्ञों ने BCCI से की बड़ी कार्रवाई की मांग
टीम इंडिया का घरेलू टेस्ट दबदबा सालों से विश्व क्रिकेट में मिसाल माना जाता रहा है। लेकिन 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज़ में मिली अप्रत्याशित हार ने भारतीय क्रिकेट में कई पुराने सवालों को फिर से खड़ा कर दिया है — क्या टीम का मैनेजमेंट सही दिशा में काम कर रहा है? क्या चयन समिति सही फैसले ले रही है? और क्या हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति टीम की बुनियाद को हिला रही है?
बिज़नेस स्टैंडर्ड की ताज़ा ओपिनियन रिपोर्ट में कई विशेषज्ञों ने साफ तौर पर कहा है कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट की गिरावट केवल एक खराब सीरीज़ का नतीजा नहीं, बल्कि गलत दिशा में चल रही सोच का परिणाम है।
स्पिन—टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी बन गई
भारत में स्पिन गेंदबाज़ी हमेशा से हमारी सबसे बड़ी ताकत रही है। लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल की सीरीज़ ने एक कठोर सच सामने ला दिया —
“टीम इंडिया घर में स्पिन डाल भी नहीं पा रही है… और स्पिन खेल भी नहीं पा रही।”
दक्षिण अफ्रीका की युवा टीम ने भारतीय स्पिन अटैक को जिस आसानी से खेला, उसने बता दिया कि भारत की पारंपरिक ताकत अब पिछड़ने लगी है।
गौतम गंभीर की रणनीति पर गंभीर सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं ने टीम में “ऑल-राउंडर संस्कृति” को बढ़ावा दिया है, जिससे
- विशेषज्ञ बल्लेबाज़ बाहर हुए
- विशेषज्ञ स्पिनर बेंच पर बैठे
- और टीम “किसी भी परिस्थिति में फिट होने की कोशिश” में उलझ गई
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को फिर से “हॉर्सेस फॉर कोर्सेस” नीति अपनानी चाहिए —
यानी
- अलग फॉर्मेट के लिए अलग कप्तान
- अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच
- और घरेलू टेस्ट के लिए विशेषज्ञ खिलाड़ियों की वापसी।
‘स्टार सिस्टम’ को खत्म करने की कोशिश उल्टी पड़ी
ओपिनियन लेख के मुताबिक, गंभीर और चयन समिति ने पिछले कुछ महीनों में एक “नई टीम छवि” तैयार करने की कोशिश की —
जहां वरिष्ठ खिलाड़ियों पर निर्भरता कम हो और युवा खिलाड़ियों को अधिक मौके दिए जाएं।
लेकिन इस प्रक्रिया में कई बड़े खिलाड़ी या तो उपेक्षित महसूस हुए या टीम संयोजन असंतुलित बना रहा। भारतीय टेस्ट टीम की बुनियाद जिन दिग्गजों ने तैयार की थी, उन्हें अचानक दरकिनार करने से टीम के भीतर स्थिरता ही कमजोर पड़ गई।

चयन समिति पर भी उठे बड़े सवाल
रिपोर्ट साफ कहती है कि चयन समिति के फैसलों ने टेस्ट टीम को काफी नुकसान पहुंचाया।
- गलत प्लेइंग इलेवन
- गलत संयोजन
- घरेलू परिस्थितियों की अनदेखी
- और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को बाहर रखना
ये सभी कारण भारत की टेस्ट गिरावट में अहम रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय:
“गौतम गंभीर के साथ-साथ चयन समिति को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”
AI पर निवेश, तेल की कीमतें और WWII वाला ‘जुगाड़’ — ओपिनियन पेज के अन्य बड़े मुद्दे
रिपोर्ट में सिर्फ भारतीय क्रिकेट ही नहीं, बल्कि कई अन्य विषयों पर भी महत्वपूर्ण विचार रखे गए हैं, जिनमें शामिल हैं—
तेल कीमतों का अनुमान बार-बार गलत क्यों होता है?
विश्लेषकों का मानना है कि 2030 तक कीमत 60 डॉलर नहीं, बल्कि 80 डॉलर से ऊपर जा सकती है।
द्वितीय विश्व युद्ध में ‘जुगाड़’ से जीती गई लड़ाई
ब्रिटिश नेवी की महिला अधिकारियों के छोटे से आइडिया ने जर्मन U-boats के खिलाफ इतिहास बदल दिया था।
AI निवेश—क्या यह एक और टेक बबल है?
कई विशेषज्ञ इसे रेलवेज़ युग की तरह बड़ा परिवर्तन मानते हैं, न कि अनियंत्रित पागलपन।
अमेरिका क्या एलियन टेक्नोलॉजी छुपा रहा है?
एक डॉक्यूमेंट्री इस दावा को साबित करने की कोशिश करती है, लेकिन ठोस सबूत अब भी गायब हैं।
निष्कर्ष
भारत की टेस्ट टीम की गिरावट एक चेतावनी है। क्रिकेट विशेषज्ञ स्पष्ट हैं —
अगर विशेषज्ञ खिलाड़ियों को उनकी भूमिका नहीं मिलेगी और मैनेजमेंट में जवाबदेही नहीं तय होगी, तो भारत आने वाले समय में भी ऐसे झटके झेलता रहेगा।
गौतम गंभीर और चयन समिति पर उठे सवाल अब सिर्फ बहस तक सीमित नहीं हैं…
BCCI को बड़े फैसले लेने ही होंगे।
और पढ़ें DAINIK DIARY
