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गुवाहाटी टेस्ट में ताश के पत्तों जैसी बैटिंग ऑर्डर! रवि शास्त्री फटे—“इसका कोई मतलब नहीं”
65/0 से 122/7—भारत की धाँसू शुरुआत ध्वस्त, गौतम गंभीर की लगातार बल्लेबाजी शफलिंग पर उठे सवाल
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में खेला जा रहा दूसरा टेस्ट अचानक सुर्खियों का केंद्र बन गया है—और वजह पिच, गेंदबाज़ी या मौसम नहीं, बल्कि टीम इंडिया का बल्लेबाजी क्रम है। मैच के तीसरे दिन टीम इंडिया ने 9/0 से शुरूआत की थी, लेकिन 65/0 की मजबूत पोज़ीशन से गिरते-गिरते सिर्फ 57 रन जोड़कर 122/7 पर सिमटने जैसे हालात ने हर किसी को हैरान कर दिया।
सबसे कड़ा रिएक्शन आया टीम इंडिया के पूर्व कोच और कमेंटेटर रवि शास्त्री की ओर से। कमेंट्री के दौरान उन्होंने सीधे-सीधे टीम की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा—
“इसका कोई मतलब नहीं। मैं इस सोच को समझ ही नहीं पा रहा। टेस्ट सीरीज़ को देखकर भी समझ नहीं आता कि सिलेक्शन किस आधार पर हुआ है।”
गंभीर की रणनीति या ‘म्यूज़िकल चेयर्स’?
गुवाहाटी टेस्ट से पहले भी लगातार बल्लेबाजी क्रम में बदलाव होता रहा है। कभी नंबर 3 पर साई सुदर्शन, कभी करुण नायर, कभी वाशिंगटन सुंदर—even इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ जैसी सीरीज़ में भी यही प्रयोग देखते मिले।
इस टेस्ट में सुदर्शन को फिर तीसरे नंबर पर भेजा गया, जबकि पिछले मैच में सुंदर को ऊपर प्रमोट किया गया था—और अब अचानक उन्हें नंबर 8 तक गिरा दिया गया।
शास्त्री ने इसी बात पर नाराज़गी जताई—
“वाशिंगटन सुंदर कोई नंबर 8 बल्लेबाज़ नहीं है। अगर आपको उसे ऊपर भेजना था तो फिर इस मैच में नंबर 4 पर क्यों नहीं खिलाया?”
उन्होंने कोलकाता टेस्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने वहाँ 4 स्पिनरों को खिलाया, लेकिन उनमें से एक को सिर्फ एक ओवर ही फेंकने दिया—“अगर बल्लेबाज़ी की इतनी जरूरत थी, तो एक स्पेशलिस्ट बैटर को क्यों नहीं चुना?”
65/0 से 122/7—कहाँ चूक हुई?
सुबह KL राहुल और यशस्वी जायसवाल ने सावधानी से शुरुआत की। गेंद घूम रही थी, इसलिए दोनों ने जोखिम नहीं लिया। लेकिन जैसे ही विकेट गिरने लगे, भारतीय बल्लेबाज दबाव में आ गए—कुछ गलत शॉट सिलेक्शन, कुछ बिना वजह एटैक और कुछ आत्मविश्वास की कमी।
गुवाहाटी की पिच निश्चित रूप से 150/7 जैसी नहीं थी—जैसा शास्त्री ने कहा।

फैंस का गुस्सा, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़
X (पूर्व ट्विटर), इंस्टाग्राम और क्रिकेट फोरम्स पर भारतीय दर्शकों ने भी टीम मैनेजमेंट से जवाब मांगा।
कई यूज़र्स ने लिखा—“ये टेस्ट क्रिकेट है, IPL ट्रायल नहीं।”
कुछ ने गंभीर के बैटिंग ऑर्डर बदलावों को ‘म्यूज़िकल चेयर’ नाम दे दिया।
नंबर 3—भारत की पुरानी चिंता
राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा के बाद भारत को स्थायी नंबर 3 बल्लेबाज़ तलाशने में मुश्किल हो रही है।
गंभीर के कार्यकाल में अब तक चार खिलाड़ियों को आजमाया जा चुका है—लेकिन किसी को भी लंबे मौके नहीं मिले।
क्या अगला टेस्ट बदलावों पर रोक लगाएगा?
पूर्व खिलाड़ी और विश्लेषक मानते हैं कि भारत को जल्द ही स्थिरता की तरफ लौटना होगा—खासतौर पर तब जब दक्षिण अफ्रीका जैसी मज़बूत टीम सामने हो।
अगले टेस्ट से पहले टीम मीटिंग में रणनीति, सिलेक्शन और रोल क्लैरिटी पर बड़ी चर्चा होना लगभग तय माना जा रहा है।
गुवाहाटी की यह गिरावट सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नहीं दिखी—यह एक चेतावनी थी कि टेस्ट क्रिकेट में प्रयोग सीमा के भीतर ही अच्छे लगते हैं।
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