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India A की हार पर बवाल: Super Over में Vaibhav Suryavanshi को क्यों नहीं भेजा गया?
14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने पूरी टूर्नामेंट में धमाल मचाया, फिर भी Super Over में मौका नहीं मिला—पूर्व भारतीय गेंदबाज़ डोड्डा गणेश ने टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए।
राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2025 का सेमीफाइनल सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं था—यह भावनाओं, फैसलों और बहसों से भरा एक ड्रामा बन गया। क़तर के दोहा में खेले गए इस मुकाबले में India A, जिटेश शर्मा की कप्तानी में, Bangladesh A से Super Over में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। लेकिन असली चर्चा हार की नहीं, बल्कि उस फैसले की है जिसने हर फैन को हैरान कर दिया—वैभव सूर्यवंशी को Super Over में क्यों नहीं भेजा गया?
सबसे बड़ा सवाल—वैभव कहाँ थे?
14 वर्षीय सनसनी Vaibhav Suryavanshi पूरे टूर्नामेंट में India A की सबसे बड़ी खोज साबित हुए। सेमीफाइनल में भी उन्होंने 15 गेंदों में 38 रन ठोक दिए—2 चौके, 5 छक्के, और विपक्षी गेंदबाज़ों की नींद उड़ाने वाला स्ट्राइक रेट।

फिर भी Super Over में मौका मिला जिटेश शर्मा और रामंदीप सिंह को। कैप्टन के आउट होते ही अशुतोष शर्मा मैदान पर आए। वैभव ड्रेसिंग रूम में सिर झुकाए बैठे रह गए—और इसी में विवाद जन्म ले चुका था।
Dodda Ganesh का गुस्सा—“What are these guys smoking?”
पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज़ डोड्डा गणेश ने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सीधा प्रहार किया।
X पर उन्होंने लिखा—
“Not sending Vaibhav Suryavamshi to bat in the Super over? What are these guys smoking?”
उनका मानना है कि इतनी फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को बाहर रखना क्रिकेटिंग समझ से परे है।
Super Over में क्या हुआ?
India A ने पहले बल्लेबाज़ी की—पर नतीजा चौंकाने वाला था।
- पहली गेंद पर जिटेश शर्मा बोल्ड
- दूसरी गेंद पर अशुतोष लपके गए
सिर्फ दो गेंदों में पारी खत्म—0/2।
Bangladesh A को जीत के लिए बस 1 रन चाहिए था।
पहली गेंद पर विकेट मिला, उम्मीद जगी।
लेकिन अगली गेंद Wide—और मैच खत्म।
मैच का पूरा रोमांच
टॉस जीतकर India A ने गेंदबाज़ी चुनी।
Bangladesh A ने 194/6 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया—
- हबीबुर रहमान सोहन: 65
- एसएम मेहरोब: 48 (18 गेंद)
भारत ने जवाब में आक्रामक शुरुआत की—19 गेंद में 50 रन।
लेकिन वैभव सूर्यवंशी के आउट होते ही संतुलन बिगड़ गया।
आखिरी गेंद पर चौका चाहिए था, पर भागदौड़ और ग़लतफहमी में तीन रन लेकर मैच Super Over में पहुंचा।

जिटेश की सफाई
हार के बाद कप्तान जिटेश शर्मा ने कहा—
“अशुतोष, रामंदीप और मैं डेथ ओवर्स में अच्छे हिटर हैं, इसलिए फैसला लिया गया।”
लेकिन फैंस इस तर्क से सहमत नहीं दिखे।
सोशल मीडिया का माहौल
- #VaibhavSuryavanshi ट्रेंड होने लगा
- फैंस ने मैनेजमेंट से जवाब माँगा
- कई दिग्गजों ने वैभव को भविष्य का स्टार बताया
क्या टीम इंडिया ने मौका गंवा दिया?
14 साल की उम्र में ऐसा टैलेंट रोज़ नहीं मिलता।
कई एक्सपर्ट मान रहे हैं—
इतने दबाव वाले स्थिति में वैभव को मौका देना चाहिए था।
अब सवाल यह है—
क्या अगले मैचों में उन्हें सही भूमिका मिलेगी?
या यह चयन आने वाले समय में बहस का मुद्दा बनेगा?
