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Ladki Bahin e-KYC पर संकट गहराया बहनों की मदद कौन करेगा नया मोड़ जिनके पास पिता या पति के डॉक्यूमेंट नहीं…?
Ladki Bahin e-KYC की अंतिम तारीख नज़दीक लाखों महिलाओं की चिंता बढ़ी, सरकार ने कही बड़ी बात
महाराष्ट्र सरकार की लोकप्रिय Ladki Bahin योजना की e-KYC प्रक्रिया में सिर्फ एक हफ्ता बचा है, लेकिन लाखों महिलाओं के लिए यह समय बढ़ती चिंता और परेशानियों का कारण बन गया है। जिन लाभार्थियों के पति या पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके लिए आय से जुड़े दस्तावेज़ जमा करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
पुणे सहित कई ज़िलों से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि e-KYC के दौरान सिस्टम दस्तावेज़ को स्वीकार नहीं कर रहा। कई महिलाओं का कहना है कि अपलोड करते समय बार-बार “error” दिखाई देता है। हालांकि राज्य का महिला व बाल विकास विभाग (WCD) दावा कर रहा है कि ज़्यादातर तकनीकी दिक्कतें दूर कर दी गई हैं, लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त इससे अलग कहानी कह रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने भरोसा दिलाते हुए कहा, “कोई भी पात्र महिला योजना से बाहर नहीं होगी। हर केस को उसके वास्तविक हालात देखकर स्वीकार किया जाएगा।”

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तकनीकी समस्याएँ अभी भी जारी, कई महिलाएँ चक्कर काटने को मजबूर
योजना की शुरुआत से ही e-KYC पोर्टल पर software glitch, फोटो व आधार mismatch, और दस्तावेज़ अपलोड न होने जैसी दिक्कतें सामने आती रही हैं।
इन समस्याओं के बीच, Aditi Tatkare (महाराष्ट्र की महिला व बाल विकास मंत्री) ने एक सप्ताह पहले घोषणा की थी कि अक्टूबर की किस्त पात्र लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड खातों में भेजनी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने X (Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा—
“सभी प्रिय बहनों से विनती है कि 18 नवंबर से पहले e-KYC पूरी कर लें। पोर्टल 24 घंटे उपलब्ध है। कोई भी बहन योजना से वंचित न हो, यही हमारी प्राथमिकता है।”
पोर्टल लिंक:
https://ladakibahin.maharashtra.gov.in
2.63 करोड़ में से सिर्फ 1 करोड़ ने पूरा किया e-KYC
राज्य सरकार के अनुसार कुल 2.63 करोड़ पंजीकृत लाभार्थियों में से केवल 1 करोड़ महिलाएँ ही अभी तक e-KYC पूरी कर पाई हैं।
अधिकारी साफ बता रहे हैं कि 18 नवंबर अंतिम तिथि है, और अगर बढ़ोतरी की जाएगी तो सरकार इसकी आधिकारिक घोषणा करेगी।

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26 लाख फर्जी लाभार्थी उजागर — सरकार सख्ती मोड में
पिछले कुछ महीनों में हुए सरकारी audit में यह सामने आया कि लगभग 26 लाख फर्जी लाभार्थी योजना के तहत पैसे ले रहे थे।
इसी वजह से सरकार ने नियम कड़े कर दिए हैं—
नया नियम
- शादीशुदा महिलाओं के लिए पति की आय
- अविवाहित महिलाओं के लिए पिता की आय
- कुल पारिवारिक आय ₹2.5 लाख से ज़्यादा नहीं
इससे पहले सिर्फ महिला की व्यक्तिगत आय को देखा जाता था, जिसकी वजह से आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों की महिलाएँ भी पात्र बन गई थीं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा—
“सरकार का लक्ष्य वही है—पैसा उसी तक पहुँचे जिसे वाकई इसकी ज़रूरत हो। Aadhaar-PAN-Bank डेटा आधारित आय सत्यापन इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा।”
“पति या पिता का आधार नहीं है, तो क्या करें?”—महिलाओं की बड़ी चिंता
कई महिलाओं ने इस मुद्दे पर तुरंत स्पष्टीकरण की मांग की है।
पुणे की Manisha, जो Ladki Bahin लाभार्थी हैं, कहती हैं—
“बहुत सी महिलाओं के पति या पिता का आधार कार्ड नहीं है। कृपया सरकार बताए कि ऐसी स्थिति में हम किसका आधार इस्तेमाल करें। यह सभी बहनों की ओर से एक विनम्र निवेदन है।”
इस पर अधिकारियों ने बताया है कि स्थानीय WCD कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि—
- ऐसे मामलों को तुरंत “manual verification” में लिया जाए।
- दस्तावेज़ उपलब्ध न होने पर भी पात्र लाभार्थी को बाहर न किया जाए।
- ज़रूरी हो तो affidavit या alternative ID proof स्वीकार किए जाएँ।
स्थानीय कार्यालयों में बढ़ी भीड़ — महिलाएँ घंटों लाइन में
पुणे, नागपुर, नांदेड, और ठाणे से यह रिपोर्ट सामने आई कि कई सरकारी केंद्रों पर महिलाएँ सुबह से शाम तक लाइन में खड़ी रहीं।
कई जगहों पर भीड़ संभालने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ी।
कुछ महिलाओं ने कहा—
“इतनी महत्त्वपूर्ण योजना है, लेकिन सिस्टम इतना धीरे चलता है कि एक फॉर्म भरने में 20-25 मिनट लग जाते हैं।”
क्या e-KYC की तारीख बढ़ेगी?
इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार—
- राज्य सरकार इस सप्ताह डेटा देखकर निर्णय ले सकती है।
- अगर बड़ी संख्या में महिलाएँ बाकी रहीं तो date extension संभव है।
- लेकिन अंतिम फैसला कैबिनेट बैठक के बाद ही घोषित होगा।
सच्चाई यही है—Ladki Bahin योजना लाखों महिलाओं को सहारा दे रही है
यह योजना पिछले साल के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान लॉन्च की गई थी और शुरुआत में इसे रिकॉर्ड तोड़ प्रतिक्रिया मिली थी।
कई महिलाओं ने कहा कि यह पैसे उन्हें—
- बच्चों की पढ़ाई,
- दवाइयों,
- घर का राशन,
- और अन्य ज़रूरी खर्चों में बड़ी मदद देते हैं।
इसी वजह से e-KYC की परेशानी उनकी बेचैनी और बढ़ा रही है।
