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दिल्ली की हवा में मामूली सुधार, फिर भी ‘ज़हरीली’ — प्रदूषण स्तर 346 पर, GRAP-3 रोक पर
दिल्ली में सोमवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 346 दर्ज किया गया — जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। प्रदूषण में मामूली कमी के बावजूद हवा अब भी सांस लेने लायक नहीं है।
दिल्ली वालों को सोमवार सुबह ज़हरीली हवा से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन शहर की हवा अब भी “सांस लेने लायक नहीं” बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार सुबह 6:05 बजे राजधानी का औसत AQI 346 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।
रविवार को दिल्ली का AQI 391 तक पहुंच गया था — जो इस सीजन का सबसे खराब स्तर था। हालांकि सोमवार को हवा की रफ्तार बढ़ने और पराली जलाने की घटनाओं में कमी के कारण प्रदूषण में हल्का सुधार दर्ज किया गया।

दिल्ली के बवाना में AQI 412, वज़ीरपुर में 397, जहांगीरपुरी में 394 और नेहरू नगर में 386 दर्ज किया गया। वहीं, नोएडा (335), गाज़ियाबाद (302) और ग्रेटर नोएडा (314) में हवा की गुणवत्ता “बहुत खराब” रही।
GRAP-3 फिलहाल रोक पर
Commission for Air Quality Management (CAQM) की उप-समिति ने रविवार शाम बैठक कर हालात की समीक्षा की। सुधार के संकेतों को देखते हुए फिलहाल GRAP Stage-3 लागू न करने का फैसला लिया गया।
स्टेज 1 और 2 के तहत लागू कदम जैसे निर्माण गतिविधियों पर आंशिक रोक, डीज़ल वाहनों की सीमाएं और पानी का छिड़काव जारी रहेगा।
यदि Stage 3 लागू किया जाता, तो गैर-जरूरी निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद कर दिए जाते और BS-III पेट्रोल व BS-IV डीज़ल वाहनों पर रोक लगाई जाती।

दिल्ली में विरोध और चेतावनियाँ जारी
रविवार को इंडिया गेट पर लोगों ने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी” अब एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति बन चुकी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) और Indian Institute of Tropical Meteorology (IITM) के पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता “बहुत खराब” श्रेणी में ही बनी रहेगी।
दिवाली के बाद से दिल्ली का AQI लगातार “खराब” से “बहुत खराब” श्रेणी में बना हुआ है, कई बार यह “गंभीर” स्तर तक पहुंच चुका है।
