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ED की रेड में फंसे ममूटी और दुलकर सलमान लग्ज़री कार तस्करी केस में बड़ा एक्शन
भूटान और नेपाल के जरिए अवैध रूप से लाई गई लग्जरी कारों के नेटवर्क पर ED का शिकंजा – फिल्मी हस्तियों समेत कई हाई-प्रोफाइल लोगों पर जांच
बड़े मलयालम सुपरस्टार ममूटी और उनके बेटे, अभिनेता दुलकर सलमान बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के दायरे में आ गए। ED ने लग्जरी कार तस्करी और हवाला लेन-देन से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर छापेमारी करते हुए दोनों अभिनेताओं के ठिकानों पर रेड की।
किन जगहों पर हुई छापेमारी?
- चेन्नई: ममूटी की प्रोडक्शन कंपनी Wayfarer Films Private Limited पर रेड।
- केरल: दुलकर सलमान के तीन घरों पर छापेमारी।
- अन्य लोकेशन: एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझिकोड, मलप्पुरम, कोट्टायम और कोयंबटूर में भी छापे।
कुल 17 जगहों पर हुई इस रेड में वाहन डीलरों, वर्कशॉप्स और गाड़ियों के मालिकों के ठिकानों को शामिल किया गया।

क्या है मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, एक सिंडिकेट भूटान और नेपाल के रास्ते महंगी गाड़ियां जैसे लैंड क्रूज़र, डिफेंडर, मासेराती भारत में तस्करी करके लाता था।
- इन वाहनों को फर्जी दस्तावेज़ों (भारतीय सेना, अमेरिकी दूतावास और विदेश मंत्रालय के नाम पर) के जरिए भारत में दाखिल किया गया।
- इसके बाद इन्हें अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में कम दामों पर पंजीकृत कराया गया।
- फिर गाड़ियों को हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI), जिनमें फिल्मी हस्तियां भी शामिल थीं, को बेच दिया गया।
ED को संदेह है कि इसमें Foreign Exchange Management Act (FEMA) की धाराओं 3, 4 और 8 का उल्लंघन हुआ है, जिसमें हवाला और अनधिकृत विदेशी लेन-देन शामिल हैं।
दुलकर सलमान की कानूनी लड़ाई
कस्टम विभाग ने दुलकर सलमान की Land Rover Defender ज़ब्त कर ली थी। इसके खिलाफ उन्होंने केरल हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने उन्हें गाड़ी की अस्थायी रिहाई (provisional release) के लिए आवेदन करने की अनुमति दी है और कस्टम अधिकारियों से एक हफ्ते के भीतर फैसला देने को कहा है।

दुलकर का दावा है कि यह वाहन International Committee of the Red Cross (ICRC) के जरिए भारत आया था और उन्होंने वैध दस्तावेज़ों के आधार पर खरीदा था। उनका आरोप है कि कस्टम ने बिना पर्याप्त जांच किए “जल्दबाजी और मनमाने तरीके” से गाड़ी ज़ब्त कर ली।
ऑपरेशन “नुमखोर”
इससे पहले 23 सितंबर को कस्टम विभाग ने Operation Numkhor के तहत 30 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे थे। इस दौरान 36 लग्ज़री कारें ज़ब्त की गईं।
जांच में यह भी सामने आया कि इन गाड़ियों का इस्तेमाल सोने और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए भी किया गया था।
आगे की जांच
ED और कस्टम विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन और हवाला चैनलों की गहन जांच कर रहे हैं। इस केस ने न सिर्फ कारोबारी जगत, बल्कि फिल्मी दुनिया को भी हिलाकर रख दिया है।
