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38 साल की उम्र में भी कमाल कर रहे नोवाक जोकोविच, बोले – “बहुत झेला, पर जीतने का रास्ता ढूंढ लिया”

शंघाई मास्टर्स के दूसरे दौर में नोवाक जोकोविच ने मरीन चिलिच को हराकर तीसरे राउंड में प्रवेश किया, कहा – “मुझे सभी इंजन चालू करने पड़े।”

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नोवाक जोकोविच ने मरीन चिलिच को हराया, बोले – “मुझे सभी इंजन चालू करने पड़े”
नोवाक जोकोविच ने मरीन चिलिच को 7-6, 6-4 से हराकर शंघाई मास्टर्स के तीसरे दौर में जगह बनाई।

टेनिस के महान खिलाड़ियों में शुमार नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। शंघाई मास्टर्स (Shanghai Masters) के दूसरे दौर में 38 वर्षीय जोकोविच ने शानदार खेल दिखाते हुए अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी मरीन चिलिच (Marin Čilić) को 7-6(7/2), 6-4 से मात दी।

यह मुकाबला न सिर्फ दो अनुभवी खिलाड़ियों के बीच हुआ, बल्कि ATP मास्टर्स 1000 इतिहास का सबसे उम्रदराज़ मुकाबला भी बन गया, जिसमें दोनों खिलाड़ियों की संयुक्त उम्र 75 वर्ष और 139 दिन रही।

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“बहुत झेला, पर मज़ा आया” — जोकोविच

मैच के बाद जोकोविच ने कहा कि यह जीत आसान नहीं थी।

“मैंने कोर्ट पर बहुत झेला, लेकिन मज़ा भी आया। मरीन पहले सेट में बेहतर खेल रहे थे। मुझे खुद को संभालना पड़ा और सभी इंजन फुल पावर पर चलाने पड़े,” जोकोविच ने मुस्कुराते हुए कहा।

पहले सेट में चिलिच ने कई बार जोकोविच को ब्रेक पॉइंट पर दबाव में डाला, खासकर 11वें गेम में जब मौका बनते-बनते निकल गया। लेकिन जोकोविच ने टाईब्रेकर में लय पकड़ी और 7-2 से सेट अपने नाम कर लिया।

दूसरे सेट में जोकोविच का दबदबा

दूसरे सेट के तीसरे गेम में जोकोविच ने चिलिच की सर्विस तोड़ी और उसके बाद मैच पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। उन्होंने दसवें गेम में एक शानदार एस (Ace) लगाकर जीत पक्की की।

नोवाक जोकोविच ने मरीन चिलिच को हराया, बोले – “मुझे सभी इंजन चालू करने पड़े”


जोकोविच ने कहा —

“हम दोनों ने ऐसा खेला जैसे हम 15 साल छोटे हों। यही जुनून मुझे अब भी टेनिस में प्रेरित करता है।”

जोकोविच की नज़र पांचवें शंघाई खिताब पर

जोकोविच अब इस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड-एक्सटेंडिंग पांचवां शंघाई खिताब जीतने के लक्ष्य पर हैं। वे चीन में दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं और मैच के दौरान दर्शकों ने उन्हें जोरदार चीयर किया।

यह जोकोविच का पहला टूर्नामेंट था यूएस ओपन (US Open) के बाद, जहां उन्हें सेमीफाइनल में कार्लोस अल्काराज़ (Carlos Alcaraz) से हार का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने कहा —

“आखिरकार, उम्र मायने नहीं रखती। कोर्ट पर उतरने के बाद सिर्फ एक चीज़ मायने रखती है — जीतने का रास्ता खोजना।”

फ्रिट्ज़ ने की मुश्किल से जीत, शेल्टन बाहर

दूसरी ओर, विश्व नंबर 4 टेलर फ्रिट्ज़ (Taylor Fritz) ने फेबियन मारोज़सान (Fabian Marozsan) को 2-6, 7-6(7/4), 7-6(7/1) से हराकर अगले दौर में जगह बनाई।

फ्रिट्ज़ ने पहले सेट में संघर्ष किया, लेकिन बाद के दोनों सेट टाईब्रेकर में जीतकर मैच अपने नाम किया। मैच के बाद उन्होंने कहा —

“मैंने खुद से कहा कि लड़ाई जारी रखो। आखिरकार मैं खुद को पूरी तरह झोंक पाया और अंत में जीत मिली।”

वहीं, युवा खिलाड़ी बेन शेल्टन (Ben Shelton) का सफर जल्दी समाप्त हो गया। उन्हें बेल्जियम के डेविड गोफिन (David Goffin) ने 6-2, 6-4 से हराया। गोफिन इस साल पहले भी बड़े खिलाड़ियों को हराकर चर्चा में रहे हैं — उन्होंने मार्च में मियामी में कार्लोस अल्काराज़ को भी हराया था।

टीन एज सेंसेशन लर्नर टिएन की शानदार जीत

19 वर्षीय लर्नर टिएन (Learner Tien), जिन्होंने बीजिंग में चाइना ओपन फाइनल में जानिक सिनर (Jannik Sinner) से हार झेली थी, ने शंघाई में शानदार वापसी की। उन्होंने सर्बिया के मियोमिर केकमानोविच (Miomir Kecmanović) को हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया।

निष्कर्ष

जोकोविच के लिए यह जीत सिर्फ एक शुरुआत है। 38 की उम्र में भी उनका फिटनेस लेवल और मानसिक मजबूती युवा खिलाड़ियों के लिए मिसाल है। उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया कि चाहे उम्र कुछ भी हो, जुनून और अनुशासन से सब संभव है। अब देखना यह है कि क्या वह अपना पांचवां शंघाई मास्टर्स खिताब जीतकर एक और इतिहास रच पाते हैं या नहीं।