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रांची में Virat Kohli का महा–धमाका Sachin Tendulkar का ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूटा, किंग कोहली बने वनडे के सबसे बड़े शतकवीर
52वां ODI शतक जड़कर विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का वह रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया, जिसे एक समय ‘अटूट’ माना जाता था। रांची में खेली गई यह पारी क्रिकेट इतिहास का नज़रिया बदलने वाली साबित हुई।
रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में रविवार का दिन भारतीय फैंस कभी नहीं भूल पाएंगे। टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली ने एक बार फिर क्रिकेट जगत को याद दिला दिया कि वे सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक युग हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने अपने करियर का 52वां ODI शतक ठोककर इतिहास रच दिया।
यह शतक सिर्फ एक और फिगर नहीं था — इसने कोहली को एकल फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाला खिलाड़ी बना दिया। पहले यह रिकॉर्ड महान सचिन तेंदुलकर के पास था, जिनके नाम टेस्ट में 51 शतक हैं। अब यह मुकाम अकेले विराट के पास है।
सचिन का बड़ा रिकॉर्ड टूटा, कोहली का नया साम्राज्य शुरू
सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली लंबे समय से “सेंचुरी मशीन” कहलाते रहे हैं। अब कोहली ने रांची में शतक लगाकर एक कदम और आगे निकल लिया। इससे पहले दोनों दिग्गजों का 51–51 शतकों का रिकॉर्ड बराबर था।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह कोहली का छठा ODI शतक है — यानी ये फॉर्मेट और ये विपक्ष उनके लिए हमेशा खास रहा है।
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83 अंतरराष्ट्रीय शतक अब सिर्फ तेंदुलकर के पीछे
विराट के नाम अब 83 इंटरनेशनल शतक हो चुके हैं। उनसे आगे सिर्फ एक नाम बचा है — क्रिकेट का भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर जिनके 100 शतक आज भी इतिहास में दर्ज हैं।
कोहली की फिटनेस, भूख और निरंतरता को देखकर विशेषज्ञों का मानना है कि “सचिन का 100 शतकों वाला पर्वत” भी आने वाले वर्षों में कोहली के सामने झुक सकता है।
पारी की खास बातें — Vintage Kohli!
कोहली की पारी में सब कुछ था —
क्लासिक कवर ड्राइव
शॉट के बीच में स्ट्राइक रोटेशन
दबाव में शांत बल्लेबाज़ी
साझेदारी बनाने की कला

यशस्वी जायसवाल के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने रोहित शर्मा के साथ पारी सँभाली और टीम को मजबूत प्लेटफॉर्म दिया। यह पारी कोहली के अनुभव और मानसिक मजबूती की बेहतरीन मिसाल थी।
28,000 इंटरनेशनल रन का लक्ष्य भी अब दूर नहीं
इस सीरीज से पहले विराट को 28,000 रन पूरे करने के लिए 337 रन चाहिए थे। यह उपलब्धि अब तक सिर्फ सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा हासिल कर पाए हैं।
अगर कोहली इस फॉर्म में रहे, तो इस मील के पत्थर को पाना सिर्फ समय की बात है।
भारत के लिए यह शतक क्यों खास है?
यह मैच टीम इंडिया के युवाओं के लिए बड़ा आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हुआ।
कोहली के इस रिकॉर्ड ने ड्रेसिंग रूम में नई ऊर्जा पैदा की है।
2026 चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी सीरीज के लिए उनकी फॉर्म सोने पर सुहागा है।
एक समय आलोचना का सामना कर रहे विराट अब फिर उसी अंदाज में लौट आए हैं, जिसने उन्हें “किंग कोहली” बनाया था।
