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6,4,6,4,6,4,6,4,6,4,6,4… Vaibhav Suryavanshi का बल्ला बोला, विजय हजारे में रचा इतिहास
आईपीएल 2026 से पहले किशोर बल्लेबाज़ का तूफान, 84 गेंदों में 190 रन से बिहार ने बनाया ऑल-टाइम रिकॉर्ड
भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया नाम तेज़ी से सुर्खियों में आ रहा है—वैभव सूर्यवंशी। विजय हजारे ट्रॉफी के अपने पहले ही मैच में इस किशोर बल्लेबाज़ ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए वैभव ने महज़ 84 गेंदों में 190 रन ठोक डाले और बिहार की पारी को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया।
मैच की शुरुआत से ही वैभव का इरादा साफ दिख रहा था। गेंदबाज़ों पर दबाव बनाने के बजाय उन्होंने आक्रामकता को हथियार बनाया। चौके-छक्कों की झड़ी लगी और स्कोरबोर्ड की सुई तेज़ी से आगे बढ़ती गई। मैदान पर बैठे दर्शक हर ओवर के साथ किसी नए रिकॉर्ड की उम्मीद करने लगे—और वैभव ने उन्हें निराश नहीं किया।
इस विस्फोटक पारी की बदौलत बिहार ने 574 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। घरेलू क्रिकेट में इतने बड़े स्कोर विरले ही देखने को मिलते हैं, और वह भी तब, जब अगुवाई एक किशोर खिलाड़ी कर रहा हो।
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वैभव की यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि कुछ समय पहले अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में उनका बल्ला खामोश रहा था। उस मैच के बाद उनकी मानसिक मजबूती पर सवाल उठाए गए थे। लेकिन विजय हजारे में आया यह तूफान उन तमाम शंकाओं का करारा जवाब बन गया। उन्होंने दिखा दिया कि एक खराब दिन किसी खिलाड़ी की काबिलियत तय नहीं करता।
तकनीक, टाइमिंग और ताकत—तीनों का संतुलन वैभव की बल्लेबाज़ी में साफ नज़र आया। अनुभवी घरेलू गेंदबाज़ भी उनकी लाइन-लेंथ के सामने बेबस दिखे। खास बात यह रही कि वैभव ने जोखिम भरे शॉट्स के साथ-साथ समझदारी भरी बल्लेबाज़ी भी की, जिससे उनकी पारी और प्रभावशाली बन गई।

इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या वैभव सूर्यवंशी को जल्दी ही सीनियर स्तर पर मौका मिलना चाहिए। आईपीएल 2026 से पहले आई यह पारी निश्चित तौर पर फ्रेंचाइज़ियों और चयनकर्ताओं की नज़र में उनकी कीमत बढ़ाएगी।
भारतीय क्रिकेट ने अतीत में कई युवा सितारे देखे हैं, जिन्होंने घरेलू मंच पर धमाकेदार शुरुआत की। वैभव सूर्यवंशी की यह पारी उसी कड़ी का अगला अध्याय लगती है—जहां प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास एक साथ नज़र आते हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में यह मुकाबला भले ही शुरुआती दौर का रहा हो, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की पारी ने पूरे टूर्नामेंट की दिशा और चर्चा बदल दी है। अब सभी की निगाहें इस युवा बल्लेबाज़ पर टिकी हैं—क्या वह इस लय को आगे भी बरकरार रख पाएंगे?
