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U-19 एशिया कप फाइनल में हाई टेंशन तय कम स्कोर वाला मुकाबला भारत को बल्लेबाज़ी में मिल सकती है बढ़त
भारत-पाकिस्तान की टक्कर में दबाव और जज़्बात चरम पर एरॉन जॉर्ज बने टीम इंडिया की नई उम्मीद
अंडर-19 एशिया कप का फाइनल एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाना है और माहौल पहले से ही बेहद गरम है। सीनियर क्रिकेट की तरह ही जूनियर स्तर पर भी यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और धैर्य की असली परीक्षा माना जा रहा है।
एक हफ्ते पहले सेमीफाइनल में भिड़ चुकी दोनों टीमें अब ‘एक्ट टू’ के लिए तैयार हैं। मुकाबला दुबई के ICC Academy ground पर खेला जाएगा, जहां पिच को देखते हुए कम स्कोर वाला लेकिन बेहद तनावपूर्ण मैच होने की पूरी संभावना है।
कम स्कोर लेकिन ज्यादा दबाव
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह फाइनल हाई-स्कोरिंग मुकाबला नहीं होगा। गेंदबाज़ों को पिच से मदद मिलने की उम्मीद है और ऐसे में बल्लेबाज़ों को हर रन के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। लेकिन इन्हीं हालात में भारतीय टीम की बल्लेबाज़ी पाकिस्तान पर भारी पड़ सकती है।
एरॉन जॉर्ज बने भारत के ट्रंप कार्ड
सेमीफाइनल में पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए हीरो बनकर उभरे Aaron George ने सभी का ध्यान खींचा है। दबाव के क्षणों में उनका शांत स्वभाव और सधी हुई बल्लेबाज़ी टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई है।
जहां बड़े नाम अभी तक पूरी तरह नहीं चल पाए हैं, वहीं एरॉन जॉर्ज ने ज़िम्मेदारी उठाकर यह दिखाया है कि बड़े मुकाबलों में कौन टिक सकता है।

बड़े नामों से अभी भी उम्मीद
भारत के युवा सितारे Vaibhav Suryavanshi और Ayush Mhatre अब तक बड़े विरोधियों के खिलाफ अपनी पूरी छाप नहीं छोड़ पाए हैं। लेकिन फाइनल जैसे मंच पर अक्सर खिलाड़ी खुद को साबित करने के लिए अलग ही ऊर्जा के साथ उतरते हैं।
टीम मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इन दोनों बल्लेबाज़ों में से कोई एक फाइनल में बड़ा योगदान दे सकता है।
भारत-पाकिस्तान मुकाबला और बढ़ता रोमांच
भारत और पाकिस्तान का नाम आते ही मुकाबले की गंभीरता कई गुना बढ़ जाती है। चाहे सीनियर टीम हो या अंडर-19, हर गेंद पर भावनाएं जुड़ी होती हैं। कुछ महीने पहले दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में सीनियर टीमों के बीच हुए हाई-वोल्टेज मैचों की यादें अब भी ताज़ा हैं, और उसी शहर में जूनियर खिलाड़ी इतिहास रचने उतरेंगे।
वर्ल्ड कप से पहले अहम इम्तिहान
यह टूर्नामेंट सिर्फ एशिया कप की ट्रॉफी तक सीमित नहीं है। आने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले यह फाइनल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा है।
कम स्कोर, ज़्यादा दबाव और भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता—इन सबके बीच जो टीम धैर्य रखेगी, वही चैंपियन बनेगी। फिलहाल संकेत यही हैं कि बल्लेबाज़ी में थोड़ी सी बढ़त भारत को फाइनल में आगे रख सकती है।
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