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शुभमन गिल बोले — “टेस्ट क्रिकेट ही असली राजा है”, रोस्टन चेस ने भी माना – लाल गेंद से ही बनते हैं असली क्रिकेटर

भारत के युवा कप्तान शुभमन गिल और वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेस ने कहा — असली क्रिकेट की पहचान लाल गेंद से होती है, सफेद गेंद सिर्फ उसकी शाखा है।

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शुभमन गिल और रोस्टन चेस बोले — टेस्ट क्रिकेट ही असली राजा है, बाकी फॉर्मेट उसकी शाखाएं हैं
शुभमन गिल और रोस्टन चेस बोले — “टेस्ट क्रिकेट ही असली परीक्षा है, यही खेल की आत्मा है।”

क्रिकेट के बदलते दौर में जहां टी20 लीग्स और फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट ने दुनियाभर में अपनी धूम मचाई है, वहीं दो कप्तानों की बातें आज हर सच्चे क्रिकेट प्रेमी के दिल को छू गईं। भारत के नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल और वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेस ने एक स्वर में कहा — “टेस्ट क्रिकेट ही असली राजा है।”

गिल, जो अपने करियर की दूसरी टेस्ट सीरीज़ में भारत का नेतृत्व कर रहे हैं, ने साफ कहा कि किसी भी देश की क्रिकेट संस्कृति की नींव “रेड-बॉल” यानी टेस्ट क्रिकेट से ही बनती है।

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“मुझे लगता है, अगर आपकी लाल गेंद की नींव मजबूत है, तो आपकी वनडे और टी20 टीमें अपने आप बेहतर प्रदर्शन करेंगी,” शुभमन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा।

“देखिए इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया को — उनकी टेस्ट टीम बहुत मजबूत है, इसलिए उनकी बाकी टीमें भी सफल हैं। जब खिलाड़ी केवल टी20 पर ध्यान देने लगते हैं और क्रिकेट की जड़ें भूल जाते हैं, तो मुश्किलें बढ़ जाती हैं।”

रणजी से लेकर अंतरराष्ट्रीय सफलता तक – भारत की “रेड बॉल ताकत”

गिल की यह बात भारतीय क्रिकेट के इतिहास से बिल्कुल मेल खाती है। जहां दुनिया भर में टी20 लीग्स पैसा और शोहरत दे रही हैं, वहीं भारत का रणजी ट्रॉफी सिस्टम आज भी उन खिलाड़ियों को जन्म दे रहा है जो टेस्ट क्रिकेट में देश का नाम ऊंचा कर रहे हैं।
शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, मोहम्मद सिराज — सभी इसी सिस्टम से निकले हैं और आज भारतीय टीम की रीढ़ बने हुए हैं।
इसी मजबूत घरेलू ढांचे ने भारत को पिछले एक दशक में टेस्ट क्रिकेट की शीर्ष टीमों में बनाए रखा है।

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वेस्टइंडीज की टूटती परंपरा

वहीं दूसरी ओर, वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेस का बयान एक चेतावनी की तरह आया।

“रेड-बॉल ही क्रिकेट की असली नींव है,” चेस ने कहा।

“अगर आप टेस्ट क्रिकेट खेल सकते हैं, तो आप किसी भी फॉर्मेट में खुद को ढाल सकते हैं। लेकिन अगर आप केवल व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर फोकस करते हैं, तो लाल गेंद पर लौटना मुश्किल होता है। हर महान खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट से ही बना है — यही असली परीक्षा है।”

कभी विव रिचर्ड्स, क्लाइव लॉयड, कर्टली एम्ब्रोस और ब्रायन लारा जैसे दिग्गजों की धरती रही वेस्टइंडीज अब टेस्ट क्रिकेट में लगातार कमजोर होती जा रही है।
टी20 लीग्स और आर्थिक दबाव ने कई युवा खिलाड़ियों को देश छोड़ने पर मजबूर किया है।
लारा ने हाल ही में कहा था, “अब खिलाड़ियों में पहले जैसा भूख नहीं दिखती, और यही सबसे बड़ी समस्या है।”

दो कप्तान, दो हकीकतें — मगर एक सच्चाई

भारत और वेस्टइंडीज की स्थिति भले अलग हो, लेकिन गिल और चेस दोनों एक ही बात पर सहमत हैं — टेस्ट क्रिकेट ही असली परीक्षा है
भारत की रेड-बॉल संरचना एक मजबूत पाइपलाइन की तरह है, जबकि वेस्टइंडीज के पास अब वह गहराई नहीं बची।
फिर भी, दोनों कप्तानों की बात यह दिखाती है कि क्रिकेट की आत्मा आज भी “लाल गेंद” में ही बसती है।

शुभमन गिल और रोस्टन चेस बोले — टेस्ट क्रिकेट ही असली राजा है, बाकी फॉर्मेट उसकी शाखाएं हैं


क्रिकेट फैंस की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर शुभमन गिल के बयान को लेकर फैंस ने उनकी तारीफ की। ट्विटर (अब X) पर #TestCricketIsKing और #ShubmanGill ट्रेंड करने लगे।
एक यूज़र ने लिखा — “गिल ने वही कहा जो हर सच्चा क्रिकेट प्रेमी महसूस करता है — पैसा टी20 में है, लेकिन इज्जत टेस्ट में।”

वहीं, कुछ फैंस ने वेस्टइंडीज के पतन पर दुख जताते हुए लिखा — “वो देश जिसने टेस्ट क्रिकेट को ग्लैमर दिया, वही अब उसे भूल गया है।”

निष्कर्ष

गिल और चेस दोनों की बातें सिर्फ बयान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए सबक हैं —
क्रिकेट का असली ताज उसी के सिर पर है जो लाल गेंद की परीक्षा में खरा उतरता है।