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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला दिल्ली में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन अब नहीं होंगे बैन

डीजल के 10 साल और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों पर ईंधन सप्लाई रोकने का आदेश फिलहाल टला

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दिल्ली में पुराने वाहनों पर कार्रवाई रुकी सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा राहत आदेश
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहन मालिकों को मिली राहत

दिल्ली-एनसीआर के वाहन मालिकों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि फिलहाल 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं होगी। यह फैसला उन हजारों लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जिनकी गाड़ियां ‘एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स’ की श्रेणी में आ चुकी थीं और जिन पर ईंधन सप्लाई रोकने का खतरा मंडरा रहा था।

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पृष्ठभूमि

जुलाई 2025 में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने एक निर्देश जारी किया था, जिसके तहत दिल्ली-एनसीआर में ‘एंड-ऑफ-लाइफ’ वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाई जानी थी। इसके अलावा, 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, ऐसे वाहनों को स्क्रैप करने का भी प्रावधान था। इस आदेश के तहत 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन इस श्रेणी में आते थे।

जनता की नाराज़गी

जैसे ही पुराने वाहनों को जब्त करने और ईंधन रोकने की प्रक्रिया शुरू हुई, सोशल मीडिया और पब्लिक फोरम पर लोगों ने अपनी नाराज़गी जतानी शुरू कर दी। कई वाहन मालिकों का कहना था कि गाड़ी की उम्र नहीं बल्कि उसकी कंडीशन और प्रदूषण उत्सर्जन को मुख्य आधार मानना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

वाहन मालिकों की परेशानियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि फिलहाल ऐसे वाहनों के खिलाफ कोई जबरदस्ती की कार्रवाई न की जाए। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “यह जनता के लिए बड़ी राहत है। वाहन को केवल सालों के आधार पर खारिज करना सही नहीं, बल्कि उसके प्रदूषण स्तर और माइलेज को भी देखना चाहिए।

दिल्ली में पुराने वाहनों पर कार्रवाई रुकी सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा राहत आदेश


आगे का रास्ता

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जाएगी। इसमें पुराने वाहनों के लिए फिटनेस टेस्ट, माइलेज आधारित श्रेणीकरण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं।

जनता के लिए संदेश

वाहन मालिकों के लिए यह समय राहत भरा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण रोकने के लिए सभी को अपनी गाड़ी की नियमित सर्विसिंग और प्रदूषण जांच करवाना जरूरी है। आने वाले समय में, नियम और सख्त हो सकते हैं, इसलिए सावधानी और तैयारी पहले से ही करना समझदारी होगी।

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