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23 साल का साथ, राधा-कृष्ण की कृपा और आखिरकार शादी… Sandeep Baswana–Ashlesha की लव स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं
Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi के सेट से शुरू हुआ प्यार, Vrindavan में शादी तक कैसे पहुंचा Sandeep Baswana और Ashlesha का सफर
टीवी इंडस्ट्री में जहां रिश्ते अक्सर जल्दी बनते और टूटते दिखते हैं, वहीं Sandeep Baswana और Ashlesha Savant की प्रेम कहानी एक दुर्लभ मिसाल बन गई है।
साल 2002 में लोकप्रिय टीवी शो Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi के सेट पर हुई यह मुलाकात, पूरे 23 साल बाद साल 2025 में शादी के पवित्र बंधन में बंध गई।
सेट पर पहली मुलाकात, जो धीरे-धीरे बनी दोस्ती
Sandeep और Ashlesha पहली बार एक-दूसरे से तब मिले जब Ashlesha शो में उनके भाई की पत्नी का किरदार निभा रही थीं। बाद में दोनों ने एक और शो Kammal में साथ काम किया, जहां उनका रिश्ता और गहराता चला गया।
Balaji Telefilms के सेट पर रोज़ाना 15–16 घंटे साथ बिताने के दौरान, दोनों की दोस्ती कब प्यार में बदल गई—उन्हें खुद भी पता नहीं चला।
पहली छाप… और बदलता नजरिया
Sandeep ने खुद माना कि पहली बार Ashlesha को देखकर उन्हें लगा कि वह एक्टिंग में काफी नई हैं। डायलॉग याद करने में समय लगता था, कई री-टेक्स होते थे। लेकिन वक्त के साथ-साथ उन्हें समझ आया कि Ashlesha सिर्फ एक नई अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक गहरी, शांत और आत्मनिर्भर इंसान हैं।

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Cupid बना Ekta Kapoor का प्रोडक्शन हाउस
इस प्रेम कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इसके Cupid कोई और नहीं बल्कि Ekta Kapoor की Balaji Telefilms बनी।
लगातार दो शोज़ में साथ काम करने की वजह से दोनों के बीच एक सहज रिश्ता बन गया—बिना किसी दिखावे, बिना किसी प्लानिंग।
प्यार जो शोर नहीं करता
Ashlesha की सबसे खास बात यही थी कि वह अकेले रहकर खुश रहती थीं—कभी म्यूजिक सुनते हुए, कभी आसमान की ओर देखते हुए।
Sandeep भी अंदर से वैसे ही थे। यही समानता उन्हें एक-दूसरे के करीब ले आई।
Live-in रिश्ता… बिना एहसास के
दोनों का रिश्ता इतना स्वाभाविक था कि उन्हें खुद एहसास ही नहीं हुआ कि वे कब साथ रहने लगे।
शूटिंग की थकान, देर रात तक काम, साथ खाना—और धीरे-धीरे Ashlesha का Sandeep के घर ही रह जाना।
तीन-चार साल बाद ही उन्होंने “I love you” कहा—जब उन्हें लगा कि अब यह शब्द वाकई मायने रखता है।

Vrindavan में मिला शादी का संकेत
शादी का फैसला भी किसी प्लान का नतीजा नहीं था।
जब दोनों को Vrindavan स्थित Chandrodaya Temple आमंत्रित किया गया, तो वहां Radha Krishna के प्रति प्रेम और भक्ति ने उन्हें भीतर तक छू लिया।
Ashlesha ने इसे भगवान का संकेत माना और वहीं शादी का सुझाव दिया—जिसे Sandeep ने बिना हिचक स्वीकार कर लिया।
23 साल बाद शादी, लेकिन रिश्ता वही
Sandeep ने बेहद साधारण अंदाज़ में शादी का प्रस्ताव रखा—
“हम इतने साल साथ रहे हैं, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?”
Ashlesha का जवाब था—“मुझे कोई ऐतराज़ नहीं।”
शादी के बाद Sandeep कहते हैं कि कुछ बदला नहीं, बस अब रिश्ता कानूनी रूप से भी मजबूत हो गया है।
उनके लिए प्यार का मतलब है—दोस्ती।
