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अब तक की सबसे खराब बल्लेबाज़ी Ricky Ponting का गुस्सा इंग्लैंड की उम्मीदों पर भारी

Ashes के तीसरे टेस्ट में हैरी ब्रूक के शॉट चयन पर भड़के रिकी पोंटिंग, इंग्लैंड की हार तय मानी जाने लगी

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Ricky Ponting ने Harry Brook पर साधा निशाना | Ashes 2025 | Dainik Diary
Ashes टेस्ट के दौरान हैरी ब्रूक की बल्लेबाज़ी पर रिकी पोंटिंग की तीखी प्रतिक्रिया।

Ashes सीरीज़ एक बार फिर इंग्लैंड के हाथों से फिसलती नज़र आ रही है और इस बार वजह सिर्फ स्कोरबोर्ड नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की सोच भी मानी जा रही है। तीसरे टेस्ट के चौथे दिन इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी देखकर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान Ricky Ponting खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने ऑन-एयर तीखी टिप्पणी कर डाली।

दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड का स्कोर 207/6 था और टीम को जीत के लिए अभी भी 228 रनों की ज़रूरत थी। हालात पहले ही मुश्किल थे, लेकिन जिस तरह से Harry Brook ने बल्लेबाज़ी की, उसने आलोचना को और तेज़ कर दिया।

जरूरत के वक्त भी आक्रमण की ज़िद

हैरी ब्रूक ने मैच से पहले कहा था कि वह अपने आक्रामक शॉट्स पर काबू रखेंगे। शुरुआती ओवरों में ऐसा लगा भी कि उन्होंने रणनीति बदली है। लेकिन अचानक उन्होंने एक ऐसा शॉट खेला, जिसने सबको हैरान कर दिया।

ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ Scott Boland की फुल लेंथ गेंद पर ब्रूक काफी आगे निकल आए और हवा में खेलने की कोशिश कर बैठे। किस्मत अच्छी थी कि गेंद बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर निकल गई और वह सिर्फ एक रन ले पाए।

कमेंट्री बॉक्स में फूटा पोंटिंग का गुस्सा

Channel 7 की कमेंट्री के दौरान रिकी पोंटिंग ने साफ शब्दों में कहा कि यह “अब तक की सबसे खराब बल्लेबाज़ी में से एक” थी। उनके मुताबिक,

Ricky Ponting


“जब टीम इतनी पीछे हो और विकेट गिर चुके हों, तब इस तरह के शॉट्स खेलना समझ से बाहर है।”

पोंटिंग का मानना है कि इंग्लैंड बार-बार वही गलती दोहरा रहा है — हालात को समझे बिना आक्रमण करने की कोशिश। यही वजह है कि पिछले एक दशक से इंग्लैंड The Ashes पर कब्ज़ा नहीं कर पाया है।

दबाव में बिखरता इंग्लैंड

चौथे दिन का खेल देखकर ऐसा लगा कि इंग्लैंड मानसिक रूप से भी दबाव में है। विकेट बचाने और मैच को खींचने के बजाय, खिलाड़ी तेजी से रन बनाने के चक्कर में अपनी विकेट गंवा रहे हैं।

क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही रवैया जारी रहा, तो इंग्लैंड की Ashes वापसी की उम्मीदें सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रह जाएंगी।

Ashes जैसे बड़े मंच पर, अनुभव और धैर्य ही असली हथियार होते हैं — और फिलहाल इंग्लैंड इन दोनों की कमी से जूझता दिख रहा है।

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